मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। राजस्‍थान के झुंझनू जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। आमतौर पर बैंक बकायादारों के लिए नोटिस चस्‍पा करती है लेकिन यहां कुछ अलग ही घटना हुई है। बैंक ने महज 50 पैसे की बकाया राशि के लिए बकायादार के घर के बाहर नोटिस चस्‍पा कर दिया। इतना ही नहीं, यह 'रकम' ना चुकाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की बात कही गई। और तो और जब उसके घर वाले यह 50 पैसे चुकाने गए तो बैंक वालों ने लेने से ही मना कर दिया क्‍योंकि 50 पैसे चलन में ही नहीं हैं।

एक शख्‍स के घर के बाहर एक बैंक ने 50 पैसे बकाया की वसूली का नोटिस चस्‍पा कर दिया। बाद में इसे लेने से इंकार कर दिया। अब नियमों के मकड़जाल में उलझा यह शख्‍स तंग आकर बैंक पर केस करने जा रहा है।

यह मामला जितेंद्र सिंह नाम के व्‍यक्ति का है। झुंझनू जिले के खेतरी स्‍थान पर एक सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक ने जितेंद्र सिंह के घर के बाहर रात के अंधेरे में एक नोटिस चस्‍पा कर दिया जिसमें उस पर कानूनी कार्यवाही करने की बात कही गई।

जानकारी के अनुसार जितेंद्र सिंह बीते कुछ समय से स्‍पाइनल इंजुरी यानी रीढ़ की हड्डी की चोट से जूझ रहे हैं। इसके चलते वे खेतरी में पिछले दिनों हुई लोक अदालत में स्‍वयं जाकर अपना बकाया भुगतान करने में असमर्थ थे। हालांकि जब उनके पिता विनोद सिंह उनकी तरफ से बैंक अधिकारियों के सामने गए तो अधिकारियों ने रकम जमा करने से इंकार कर दिया। उन्‍होंने बताया, "मेरा बेटे जितेंद्र सिंह को रीढ़ में फ्रैक्‍चर हुआ है।

वह राशि जमा करने नहीं आ सकता था। इसके चलते मैं यहां आया, लेकिन बैंक वालों ने पैसे जमा करने से ही मना कर दिया और चले गए।" विक्रम सिंह के वकील ने बताया कि बैंक ने 50 पैसे के बकाया भुगतान का नोटिस भेजा था। मेरे क्‍लाइंट यह राशि चुकाने आए थे ताकि उन्‍हें बैंक से एनओसी (NOC) मिल सके लेकिन उन्‍होंने इस राशि को जमा ही नहीं किया। अब हम उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने जा रहे हैं।

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