बसवराज एस बोम्मई कर्नाटक के नए मुख्‍यमंत्री होंगे। कर्नाटक भाजपा विधायक दल ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में बोम्मई को चुन लिया है। बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। एक निजी होटल में आयोजित विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। वह बुधवार को 30वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। केंद्रीय पर्यवेक्षकों के तौर पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जी किशन रेड्डी की मौजूदगी में उनके नाम का प्रस्ताव निवर्तमान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने किया। बोम्मई येदियुरप्पा की सरकार में गृह, कानून और संसदीय मामलों के विभाग का कामकाज संभाल चुके हैं। वह जल संसाधन और सहकारिता विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बोम्मई को येदियुरप्पा का करीबी जरूर माना जाता है, लेकिन जब निवर्तमान मुख्यमंत्री ने पार्टी छोड़ी थी तो वह उनके साथ नहीं गए थे। हालांकि जब वह पार्टी में वापस आए तो उन्होंने येदियुरप्पा का एक बार फिर विश्वास हासिल कर लिया। पार्टी और सरकार का विभिन्न मंचों पर बचाव करने के चलते बोम्मई येदियुरप्पा के पसंदीदा व्यक्ति रहे हैं। बोम्मई को कर्नाटक के कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने बधाई दी है।

मैकेनिकल इंजीनियर के साथ ही किसान भी

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल नेता एसआर बोम्मई के पुत्र बासवराज का जन्म 28 जनवरी, 1960 को हुआ था। वह मैकेनिकल इंजीनियर होने के साथ ही पेशे से किसान और उद्यमी भी हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल से की थी। वह धारवाड़ से 1998 और 2004 में विधायक चुने गए। फरवरी 2008 में भाजपा में शामिल हुए। जब येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने तो वे हावेरी जिले के शिगांव निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए।

सिंचाई परियोजनाओं का अच्‍छा ज्ञान

प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की अच्छी जानकारी होने के साथ ही उन्होंने विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं में अपना योगदान दिया है। इसके लिए उनकी काफी सराहना भी की जाती है। इतना ही नहीं उन्हें शिगांव में भारत की पहली 100 फीसद पाइप सिंचाई परियोजना को लागू करने का श्रेय भी दिया जाता है।

Posted By: Navodit Saktawat