Beating Retreat 2022: नई दिल्ली विजय चौक पर शनिवार को बीटिंग रिट्रीट समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। इस मौके पर मेड इन इंडिया 1,000 ड्रोन दर्शकों को रोमांचित करते हुए नजर आए। चीन, रूस और ब्रिटेन के बाद भारत इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन शो का आयोजन करने वाला चौथा देश बन गया है।

ड्रोन शो की प्रस्तुति

पहली बार बीटिंग द रिट्रीट समारोह के अंत में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड द्वारा वित्त पोषित और आईआईटी दिल्ली के पूर्व स्टूडेंट्स के नेतृत्व में स्टार्टअप बोलैब द्वारा लाइट शो के हिस्से पर एक हजार ड्रोन ने प्रस्तुति दी। इस समारोह के मौके पर लेजर शो में वंदे मातरम की धुन बजाई गई। जिससे सुनकर दर्शकों की देशभक्ति जाग गई। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित ड्रोन शो का आयोजन बोटलैब डायनेमिक्स द्वारा किया गया।

सारे जहां से अच्छा की धुन बजाई

बीटिंग द रिट्रीट समारोह के समापन के लिए टुकड़ियों के कमांडर ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मंजूरी ली। जिसके बाद बलों ने कैपों में वापसी परेड शुरू की। बैड ने 'सारे जहां से अच्छा' की धुन बजाई। इस मौके पर सेनाओं के बैंड ने 'ऐ मेरे वतन के लोगों' की धुन भी बजाई। जिसने सभी को अभीभूत कर दिया।

26 धुनें बजाई गई

बीटिंग द रिट्रीट के मौके पर नार्थ ब्लॉक-साउथ ब्लॉक सहित राष्ट्रपति भवन को सजाया गया। कार्यक्रम में भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड ने 26 धुनें बजाई गई। बता दें हर साल 29 जनवरी को इस समारोह का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस के समारोह का समापन होता है।

काफी पुरानी है परंपरा

बीटिंग रिट्रीट की परंपरा काफी पुरानी है। यह समारोह सेना की वापसी का प्रतीक है। इस दौरान राष्ट्रपति सेनाओं को बैरकों में वापस लौटने की इजाजत देते हैं। सूर्यास्त के समय सेनाएं अपने शिविर में लौट जाती हैं। इस दौरान झंडे नीचे उतारे जाते है। इसमें सेनाओं की वापसी पर उनका जोरदार स्वागत किया जाता है। पाइप, ड्रम बैंड, सीएपीएफ, एयरफोर्स, नेवी और आर्मी के बैंड अपनी परफॉर्मेंस देते हैं।

Posted By: Arvind Dubey