Bipin Rawat Death News Latest Updates: देश के लिए बुरी खबर है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत नहीं रहे। तमिलनाडु में हुए सेना के एमआई हेलीकाप्टर क्रेश हादसे में उनके सहित उनकी पत्‍नी मधुलिका का भी निधन हो गया है। भारतीय वायुसेना ने इस सूचना की पुष्टि की है। हेलीकाप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। नजदीकी सेना के अस्‍पताल में सभी घायलों को भर्ती कराया गया था। हादसे में एकमात्र बचे गंभीर रूप से घायल ग्रुप कैप्टन वरुण सिह का तमिलनाडु में सेना के वेलिगटन स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है। जनरल रावत तथा उनकी पत्नी का पार्थिव शरीर गुरुवार को दिल्ली लाया जाएगा और 10 दिसंबर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की जाएगी। सरकार गुरुवार को संसद में दुर्घटनाग्रस्त हुए सैन्य हेलीकॉप्टर एमआई-17 वी5 के बारे में जानकारी देगी। हेलीकाप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर और तस्वीरें तो कुछ ही देर बाद सामने आ गईं थीं, मगर जनरल रावत समेत 13 लोगों की इसमें मौत की पुष्टि वायुसेना ने शाम को की। वायुसेना ने ट्वीट के जरिये बयान जारी कर कहा, "बेहद अफसोस के साथ बताना पड़ रहा है कि जनरल बिपिन रावत, मधुलिका रावत और हेलीकाप्टर में सवार 11 अन्य लोगों की इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई है।"

दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए भारतीय वायु सेना ने जांच के आदेश दिए हैं। जनरल रावत के अलावा, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, एनके गुरुसेवक सिंह, एनके जितेंद्र कुमार, एल/एनके विवेक कुमार, एल/एनके बी साई तेजा, हवलदार सतपाल सहित सेना के 13 अन्य जवान हेलीकॉप्टर में सवार थे। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के साथ देश के शीर्ष राजनेताओं तथा पूर्व सैन्य अधिकारियों ने जनरल रावत की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। बुधवार शाम भारतीय वायुसेना के जनरल रावत समेत 13 लोगों की हेलीकाप्टर दुर्घटना में मौत की पुष्टि करते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की आपात बैठक बुलाकर हालात की समीक्षा की।

ऐसे हुआ यह हादसा

कुन्नूर में दुर्घटनास्थल से आ रही खबरों के अनुसार, हेलीकाप्टर जब दुर्घटनाग्रस्त हुआ तो वह घने जंगल वाले इलाके में नीची उड़ान भर रहा था। दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वह वहां एक मकान से टकराते हुए पेड़ों पर गिर गया। इसकी वजह से हेलीकाप्टर में आग लग गई और जनरल रावत समेत अधिकांश लोगों की इसमें झुलसने से मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तत्काल नीलगिरि के कलेक्टर तथा स्थानीय प्रशासन को सेना के साथ राहत और बचाव कार्य में लगा दिया। जनरल रावत तमिलनाडु के वेलिगटन स्थित सैन्य स्टाफ कालेज के एक समारोह में हिस्सा लेने के लिए बुधवार सुबह दिल्ली से वायुसेना के विशेष विमान से सुलूर आर्मी बेस पहुंचे थे। वहां उन्हें छात्र अफसरों और शिक्षकों को संबोधित करना था। सुलूर बेस से वायुसेना के हेलीकाप्टर में जनरल रावत और उनकी पत्नी के साथ उनके स्टाफ आफिसर ब्रिगेडियर एलएस लिडृडर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिदर सिह समेत उनके पांच सुरक्षाकर्मी सवार हुए थे। चालक दल के सदस्यों समेत कुल 14 लोग हेलीकाप्टर में सवार हुए थे। दोपहर करीब 12.20 बजे हेलीकाप्टर नीलगिरि जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे

63 वर्षीय रावत को 2019 के अंत में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में नियुक्त किया गया था। दुर्घटना कुन्नूर शहर के पास दोपहर के आसपास हुई, और मृतकों में एमआई -17 वी 5 के चालक दल के चार सदस्य शामिल हैं। भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के दुखद निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, पीएम मोदी ने जनरल रावत की सराहना की और उन्हें एक उत्कृष्ट सैनिक, एक सच्चा देशभक्त करार दिया, जिन्होंने हमारे सशस्त्र बलों और सुरक्षा तंत्र के आधुनिकीकरण में बहुत योगदान दिया। पीएम ने ट्वीट किया, "तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना से मैं बहुत दुखी हूं, जिसमें हमने जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बलों के अन्य कर्मियों को खो दिया है। उन्होंने अत्यंत परिश्रम के साथ भारत की सेवा की। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।"

Posted By: Navodit Saktawat