नई दिल्ली। दिल्ली में हुई हिंसा में शुक्रवार तक मरने वालों की संख्या 42 हो गई थी। कांग्रेस ने हिंसा को लेकर राजनीति शुरू कर दी है और राष्ट्रपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान सोनिया गांधी ने राजधर्म की बात कही थी। सोनिया के इसी बयान पर अब भाजपा का पलटवार आया है। भाजापा नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सोनिया गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है साथ ही राजधर्म का मतलब भी पूछा है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, कांग्रेस पार्टी कल महामहिम राष्ट्रपति जी के यहां गई थी। हमें राजधर्म के बारे में बताया जा रहा है। आज मुझे राजधर्म के बारे में कांग्रेस पार्टी और सोनिया जी से कुछ सवाल करने हैं। सोनिया जी पहली बात आप ये बताइए कि जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के विस्थापित हैं, जिनको उनकी आस्था के आधार पर प्रताड़ित किया जा रहा है, उसको लेकर आपकी पार्टी की एक सोच रही है। आपके नेताओं ने बार-बार खुलकर इस पर स्टैंड लिया था।

केंद्रीय मंत्री आगे बोले, इंदिरा जी ने युगांडा के विस्थापितों की मदद की थी, राजीव गांधी जी ने तमिल लोगों की मदद की थी, मनमोहन जी ने कहा था कि नागरिकता मिलनी चाहिए और अशोक गहलोत जी तो शिवराज पाटिल और आडवाणी जी को पत्र लिखा था कि नागरिकता मिलनी चाहिए। ये कौन सा राजधर्म है कि आज सब पलट गए। सोनिया जी आपको इसका जवाब देना पड़ेगा कि क्या मनमोहन जी ने जो किया था वो गलत था? क्या जो इंदिरा जी और राजीव जी ने काम किया था वो गलत था?

रविशंकर प्रसाद ने आगे पूछा कि, सोनिया जी आपने रामलीला मैदान में कहा था कि इस पार और उस पार की लड़ाई होगी। ये कौन सी भाषा है?ये उत्तेजना नहीं है तो क्या है?

रविशंकर प्रसाद ने एक और सवाल पूछते हुए कहा, NPR कांग्रेस सरकार ने शुरू किया। आप करें तो ठीक, हम उसी काम को करें तो उस पर लोगों को उकसाया जाए। ये कौन सा राजधर्म है सोनिया जी?

राजधर्म को लेकर सोनिया पर निशाना साधते हुए पूछा, सोनिया जी मुझे आपसे एक बात पूछनी है कि जब शाहीन बाग में बच्चों को प्रधानमंत्री के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाया जा रहा था, तब भी आप खामोश थीं। क्या आपकी पार्टी ने ये भी नहीं कहने की जरूरत नहीं समझी कि हम इसका समर्थन नहीं करते हैं? ये है आपका राजधर्म?

केंद्रीय मंत्री बोले कि, दिल्ली में शांति के लिए पीएम मोदी जी ने अपील की, गृह मंत्री जी ने हर पार्टी की बैठक बुलाई। किसकी छत से पेट्रोल बम, तेजाब और क्या-क्या मिला ये सब टीवी पर दिख रहा है। दिल्ली में शांति चाहिए और कांग्रेस राजधर्म के नाम पर देश में उत्तेजना फैलाने की कोशिश कर रही है। ये समय शांति के लिए हाथ बढ़ाने का है। ये समय उत्तेजना फैलाने का नहीं है। लेकिन कांग्रस पार्टी का स्वर जो दिसंबर में आर-पार का था वही स्वर आज भी है। इसका कारण यह है कि कांग्रेस अपनी हार नहीं भूल पाती है।

Posted By:

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस