चंडीगढ़। CAA Protest : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करने में पंजाब भी केरल की राह पर चल पड़ा है। पंजाब विधानसभा ने भी शुक्रवार को सीएए के खिलाफ एक प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। ऐसा करने वाला पंजाब देश का दूसरा राज्य बन गया है। इसके पहले केरल पहला राज्य था, जहां की विधानसभा ने इसी तरह का प्रस्ताव पारित किया था।

पंजाब विधानसभा ने विधायी कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा द्वारा पेश इस प्रस्ताव को तीन घंटे की चर्चा के बाद पारित कर दिया। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा विपक्षी दल आप (आम आदमी पार्टी) ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि भाजपा ने उसका विरोध किया। वहीं, भाजपा की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने संशोधित नागरिकता कानून के तहत मुसलमानों को भी नागरिकता दिए जाने की मांग की।

सीएए के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान में धार्मिक आस्था के कारण प्रताड़ना से तंग होकर 31 दिसंबर, 2014 तक भारत में शरण लेने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी तथा ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। इसमें मुस्लिम शामिल नहीं हैं।

पंजाब विधानसभा में सीएए विरोधी प्रस्ताव पारित होने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी सरकार भी केरल की तरह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब तथा इस कानून का विरोध कर रहे अन्य राज्यों में सीएए लागू होना है तो केंद्र को इसमें संशोधन करना होगा।

जनगणना-2021 भी पुराने मापदंडों पर

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया पंजाब में पुराने मापदंडों पर ही जनगणना-2021 होगी। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए केंद्र सरकार द्वारा जोड़े गए फैक्टरों शामिल नहीं किया जाएगा।

Posted By: Navodit Saktawat

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020