नई दिल्ली। बुधवार को हुई कैंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले किए गए। बैठक में टेलीकॉम उद्योग को बड़ी राहत देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की भी घोषणा की गई है।

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया, कुछ सरकारी कंपनियों में सरकार का हिस्सा 51 फीसदी से कम किया जाएगा। भारत पोट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का मैनेटमेंट निजी हाथों में दिया जाएगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट की बैठक की। बैठक में कुछ अहम फैसले लिए गए।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने बताया की 2021-22 तक स्पेक्ट्रम फीस से राहत मिलेगी। टेलीकॉम सेक्टर के रिवाइवल प्लॉन को मंजूरी दे दी गई है। टेलीकॉम सेक्टर को राहत देते हुए पेमेंट देने की मियाद बढ़ाई गई है। अब 6 महीने की बजाय 18 महीने में पेमेंट करना होगा। अब 16 की जगह 18 किस्तों में भुगतान करना होगा। कंपनियों को 42 हजार करोड़ रुपए के तुरंत भुगतान से राहत मिलेगी। इस फैसले से वोडाफोन को 23920 करोड़ रुपए तुरंत नहीं देने होगे, भारती एयरटेल को 11776 करोड़ रुपये और जीओ को 6670 करोड़ रुपए का भुगतान तुरंत नहीं करना होगा। गौरतलब है पिछले कुछ दिनों से टेलीकॉम उद्योग की हालत बेहद खराब चल रही है।

इंडस्ट्रियल रिलेशन बिल को मंजूरी दी गई है। नुमालीगढ़ रिफाआइनरी BPCL के निवेश से अलग रहेगी। सरकारी खर्च से बनी सड़कों को मोनेटाइज किया जाएगा। सड़क टोल के ऑपरेट और ट्रांसफर के लिए 15 से 30 साल का वक्त मिलेगा। कुछ सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी 51 फीसद से कम होगी। SCI कॉनकॉर में सरकार अपना पूरा हिस्सा बेचेगी। NEEPCO को भी NTPC को बेचा जाएगा। प्याज की बड़ती कीमत पर लगाम लगाने के लिए 1.2 लाख टन प्याज का आयात किया जाएगा।

इसके साथ ही कैबिनेट ने दिल्ली के अवैध कॉलोनियों को मंजूरी दे दी है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। इसके अंतर्गत धारा 81 के तहत सभी दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे और दिल्ली में 79 गांवों का शहरीकरण होगा।

Posted By: Yogendra Sharma