India vs China दुनियाभर को कोरोना वायरस की महामारी देने वाली चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है। सीमा पर भारत से जारी तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने अपनी सेना को हर मुश्किल हालात के लिए तैयार रहने को कहा है। संसदीय सत्र के दौरान सेना तथा सशस्त्र पुलिस के संयुक्त दल को संबोधित करते हुए Xi Jinping ने कहा, आप सबसे बुरे हालात को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी तेज कर दें। आपको मुश्किल हालात का सामना करते हुए देश की रक्षा कना है। वहीं, सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत सरकार भी हरकत में आ गई है।

सैन्य कमांडरों की तीन दिवसीय कांफ्रेंस शुरू

भारत-चीन तनातनी के बीच सेना के कमांडरों की बुधवार से तीन दिन की कांफ्रेंस शुरू हो रही है। समझा जा रहा है कि इस कांफ्रेंस में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के कारण उपजे मौजूदा हालात पर ही विशेष रूप से चर्चा होगी।

सेना के प्रवक्ता अमन आनंद ने बताया कि कांफ्रेंस का पहला चरण 27 मई से 29 मई तक चलेगा और दूसरा चरण जून के अंतिम सप्ताह में होगा। यह कांफ्रेंस पहले 13 से 18 अप्रैल तक होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण टल गई थी।

बढ़ते तनाव के बीच PM Modi ने शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ की अहम बैठक

भारत और चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सैनिकों की बढ़ती गतिविधियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ पूरे हालात की समीक्षा की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत तथा तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहे।

PM Modi की बुलाई गई इस तरह की पहली बैठक से यह साफ है कि चीन सैन्य बल के सहारे भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसे किसी भी स्थिति में सफल नहीं होने दिया जाएगा। बैठक के दौरान सेना को सीमा पर चल रहे निर्माण कार्य को जारी रखने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में ये रहे शामिल : प्रधानमंत्री मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख मनोज मुंकद नरवाने, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह।

भारत-चीन के बीच इसलिए बढ़ा तनाव

भारतीय सेना लद्दाख और चीन से सटे इलाकों में सड़क निर्माण कर रहा है। इसे रोकने के लिए चीन ने वहां अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है। हाल ही में सैनिकों के बीच तनातनी भी हो गई थी।

चीन ने भारत के निर्माण कार्यो में अड़ंगा लगाने की नीयत से ही लद्दाख क्षेत्र में सैन्य अतिक्रमण किया है और भारतीय सेना चीनी सैनिकों के साथ आमने-सामने की स्थिति में पूरी मजबूती से डटी है।

2017 में डोकलाम में भारत-चीन के बीच सैनिकों की सीमा पर हुई भिड़ंत के सबसे तनावपूर्ण दौर के बाद लद्दाख सीमा क्षेत्र में चीनी सैनिकों का भारतीय सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण सबसे गंभीर मसला बन गया है।

Posted By: Arvind Dubey

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