नई दिल्ली। देश में नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर अब भी हंगामा जारी है। पूर्वोत्तर राज्यों में जारी बवाल के बीच AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) शनिवार को इस एक्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने इसके खिलाफ SC में एक याचिका दायर कर दी है। बता दें कि ओवैसी नागरिकता संशोधन एक्ट के शुरुआत से ही खिलाफ रहे हैं। जब विधेयक के स्वरुप में इसे लोकसभा में पेश किया गया था, उस वक्त ओवैसी ने नाराजगी जताते हुए इस बिल को फाड़ दिया था। हालांकि लोकसभा में बिल पास हो गया था, इसके बाद बीते बुधवार को बिल राज्यसभा में भी पारित हो गया। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह बिल कानून का रुप ले चुका है।

असम में एक्ट का हो रहा विरोध

नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ सबसे ज्यादा नाराजगी पूर्वोत्तर राज्यों में है। इसमें भी सबसे ज्यादा गुस्सा असम में दिखाई दिया है। इसका इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात पर काबू पाने के लिए केंद्र को वहां सेना तैनात करना पड़ी है। गुवाहाटी सहित कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है। वहीं इंटरनेट भी कुछ वक्त से बंद किया गया है।

यह कहता है नागरिकता संशोधन एक्ट

केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में पारित करा लिया गया। इसके बाद इसे कानून की शक्ल मिल गई। इस एक्ट के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रहने वाले गैर मुस्लिम जिन्हें धार्मिक आधार पर प्रताड़ित किया गया है उन्हें भारत की नागरिकता दी जाएगी।

विपक्ष इस बिल का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि इस बिल में नागरिकता के लिए मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया है।

Posted By: Neeraj Vyas

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