Citizenship Amendment Bill 2019 : नागरिकता संशोधन बिल 2019 लोकसभा में पास हो गया है। सोमवार देर रात हुई वोटिंग में 311 सांसद में इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्ष में 80 वोट पड़े। अब यह बिल बुधवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश किया जाएगा। संसद के उच्च सदन में बिल पास कराने को लेकर भाजपा सक्रिय हो गया है और पार्टी ने अपने सांसदों को व्हिप भी जारी किया है। बहरहाल, लोकसभा (Lok Sabha) में बहस के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यह साफ कर दिया कि सरकार नागरिकता संशोधन बिल के बाद अब नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन बिल यानी NRC लेकर आएगी।

संसद में चर्चा के दौरान AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार नागरिकता संशोधन बिल के जरिए एनआरसी के लिए जमीन तैयार कर रही है। इसका जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि हम जमीन तैयार नहीं कर रहे बल्कि पूरी तरह साफ हैं कि NRC तो आकर रहेगा। बकौल शाह, यह हमारे चुनावी घोषणा पत्र में है। वही हमारा आधार है।

बकौल शाह, एनआरसी और सीएबी (नागरिकता संशोधन बिल ) को जोड़ने की जरूरत नहीं है। जब एनआरसी बिल जाएंगे तब इसी सदन में लाएंगे और सभी को एक-एक बात की जानकारी देंगे। मानकर चलिए एनआरसी आने वाला है।

चर्चा के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि नागरिकता संशोधन बिल में मुस्लिमों को छोड़कर समानता के अधिकार का उल्लंघन किया गया। इस पर शाह ने जवाब दिया और उदाहरण के जरिए बताया कि किस तरह 1971 में विशेष परिस्थितियों में बांग्लादेश से आने वाले शरणार्थियों को भारत में शरण दी गई थी। यही नहीं बाद में यूगांडा और श्रीलंका संकट के दौरान भी ऐसा ही हुआ था। बकौल अमित शाह, उस समय अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं हुआ तो अब विपक्ष किस आधार पर आरोप लगा रहा है। शाह ने साफ किया कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान मुस्लिम बहुत राष्ट्र हैं और इस नाते मुसलमान वहां अल्पसंख्यक नहीं हैं, इसीलिए उन्हें नागरिकता नहीं दी जा सकती है।

Posted By: Arvind Dubey

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