Corona Vaccine देश में कोरोना टीकाकरण का काम 16 जनवरी से शुरू होने वाला है। इससे पहले देश के सभी बड़े शहरों से जिला स्तर पर वैक्सीन पहुंचाई जा चुकी है। वैक्सीन लेने से हर पहले हर किसी के मन में इसे लेकर कई तरह के सवाल है, जिसे हर कोई जानना चाहता है। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी सभी सवालों का जवाब देकर सभी शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया है। आइए जानते हैं कोरोना वैक्सीन से जुड़े हर सवाल का जवाब, जो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिया है -

क्या कोरोना की वैक्सीन सभी को एक साथ दी जाएगी?

- सरकार ने उच्च जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता पर वैक्सीनेशन के लिए चिन्हित कर लिया है। इस आधार पर पहले समूह में हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर शामिल है। वहीं दूसरे समूह में 50 वर्ष से अधिक आयु और वे लोग शामिल हैं, जो पहले से किसी रोग से ग्रसित है। इसके बाद वैक्सीन की डोज अन्य जरुरतमंद लोगों को दी जाएगी।

क्या यह वैक्सीन सुरक्षित होगी, क्योंकि इसे बहुत कम समय में बनाया गया है?

- सुरक्षा और प्रभाव के डेटा की जांच के आधार पर मंजूरी के बाद ही नियामक निकायों द्वारा वैक्सीन लगाई जा रही है।

क्या वैक्सीन लेना अनिवार्य है?

कोरोना के लिए वैक्सीनेशन स्वैच्छिक है, आपकी इच्छा पर ही निर्भर करता है कि आप इसे लगाना चाहते हैं या नहीं। हालांकि स्वयं की सुरक्षा और बीमारी के प्रसार को सीमित करने के लिए कोरोना वैक्सीन की पूरी खुराक आवश्यक है

क्या कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति को भी वैक्सीन लेना आवश्यक है?

- पहले से संक्रमित होने के बावजूद वैक्सीन की पूरी खुराक लेना आवश्यक है क्योंकि यह एक मजबूत प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने में मदद करेगा।

क्या कोरोना संक्रमित व्यक्ति को भी वैक्सीन लगाया जा सकता है?

- संक्रमित व्यक्तियों को लक्षण खत्म होने के 14 दिन बाद तक वैक्सीनेशन स्थगित करना चाहिए क्योंकि वे वैक्सीनेशन स्थल पर दूसरों में वायरस फैलाने का जोखिम बढ़ा सकते हैं। कोरोना संक्रमण जब खत्म हो जाए, उसके बाद वैक्सीन लगवाई जा सकती है।

क्या भारत में कोरोना वैक्सीन को +2 से +8°C पर स्टोर करने और उन्हें आवश्यक तापमान पर परिवहन करने की क्षमता है?

- भारत दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम चलाने वाले देशों में शामिल है। 26 करोड़ से अधिक नवजात शिशुओं और 1 करोड़ से अधिक महिलाओं के वैक्सीनेशन की जरूरतों को पूरा करता है। देश की बड़ी और विविध आबादी को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए भारत में कार्यक्रम तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।

क्या भारत में इस्तेमाल किया जाने वाला वैक्सीन उतना ही प्रभावी होगा, जितना दूसरे देशों में है?

- हां, भारत में दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन उतनी ही प्रभावी होगी, जितनी अन्य देशों द्वारा विकसित वैक्सीन है। वैक्सीन परीक्षणों के विभिन्न चरणों में इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित की गई है। उसके बाद ही वैक्सीन को मंजूरी दी गई है।

अगर मैं वैक्सीनेशन के लिए योग्य हूं तो मुझे पता कैसे चलेगा?

- पात्र लाभार्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए वैक्सीनेशन और उसके निर्धारित समय के बारे में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सूचना दी जाएगी।

वैक्सीन लगवाने से पहले रजिस्ट्रेशन के लिए कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं?

- आधार/ड्राइविंग लाइसेंस/वोटर आईडी/पैन कार्ड/पासपोर्ट/जॉब कार्ड/पेंशन दस्तावेज़

- स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड

- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड (मनरेगा)

- सांसदों विधायकों/एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक प्रमाण पत्र

- बैंक/पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी पासबुक

- केंद्र/राज्य सरकार/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा आईडी कार्ड

क्या कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण के कोरोना वैक्सीन प्राप्त कर सकता है?

- नहीं, कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण अनिवार्य है पंजीकरण के बाद ही सत्र स्थल और समय की जानकारी साझा की जाएगी

यदि कोई व्यक्ति स्थल पर फोटो आईडी दिखाने में असमर्थ है तो क्या उसे वैक्सीन लगाया जाएगा?

- फोटो आईडी पंजीकरण स्थल पर पंजीकरण और सत्यापन दोनों के लिए जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इच्छित व्यक्ति को वैक्सीन लगाया गया है।

Posted By: Sandeep Chourey

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