Coronavirus : दुनिया भर में दहशत मचा रहे कोरोना वायरस का एक संदिग्ध 19 फरवरी को सीमावर्ती जिला गुरदासपुर में सामने आने के बाद सेहत विभाग में हड़कंप मच गया था। जिसके चलते मरीज को विभाग द्वारा आईसोलेशन वार्ड में रखा गया था और उसका सेंपल दिल्ली में जांच के लिए भेजा गया था। जिसकी शनिवार को रिपोर्ट नैगेटिव आने से सेहत विभाग ने चैन की सांस ली है।

गौरतलब है कि गुरदासपुर के कस्बा कलानौर निवासी नौजवान न्यूजीलैंड में पढ़ाई करने के लिए गया हुआ था। अपना कोर्स खत्म होने के बाद करीब एक माह पहले वह वापिस भारत लौटा था। वह जिस फ्लाईट में आया, उसे रास्ते में चीन की राजधानी बीजिंग के एयरपोर्ट पर 15 घंटे का स्टे था। इस दौरान वह चीनी लोगों के संपर्क में भी आया। वापिस गुरदासपुर अपने गांव आने पर वह बीमार हो गया।

लंबे सफर के बाद हुए बुखार को आम बुखार समझ कर वह दवाई लेता रहा। लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद वह ठीक नहीं हुआ। परिवारिक सदस्यों की सलाह से वह सिविल अस्पताल गुरदासपुर चेकअप करवाने पहुंचा। जहां पर डाक्टरों द्वारा उसमें करोना वायरस के लक्षण देखते हुए उसे तुरंत आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया।

डाक्टरों द्वारा उसे आईसोलेशन वार्ड में रखकर उसका सेंपल टैस्ट के लिए दिल्ली भेज दिया गया। इसी बीच जब मरीज को पता चला कि उसमें करोना वायरस के लक्षण पाए गए हैं तो दहशत में आकर वह अस्पताल से बिना किसी को सूचित किए भाग निकला। जिसने अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया और उन्होंने मामले की शिकायत तुरंत डीसी गुरदासपुर मोहम्मद इशफाक को कर दी।

जिसके बाद डीसी ने एसएसपी गुरदासपुर स्वर्णदीप सिंह को संदिग्ध मरीज को तुरंत अस्पताल में लाने के निर्देश दिए। पुलिस द्वारा मरीज को ट्रेस करके सीएचसी कलानौर में पहुंचाया गया। जहां उसे आईसोलेशन वार्ड में रखा गया था।

सिविल अस्पताल गुरदासपुर के मेडिकल स्पेशलिस्ट डा. मनजिंदर बब्बर ने बताया कि मरीज का जो सेंपल दिल्ली भेजा गया था, उसकी रिपोर्ट आ गई है, जो कि नैगेटिव है। जिससे साबित होता है कि मरीज को करोना वायरस की शिकायत नहीं है।

Posted By: Navodit Saktawat