नई दिल्‍ली। देश में कोरोना वायरस से निपटने और लॉकडाउन की स्थिति पर स्‍वास्‍थ्‍य और गृह मंत्रालय ने संयुक्‍त कांफ्रेंस मंगलवार को आयोजित की। इस अवसर पर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में अब तक कोरोना वायरस के 4,421 केस सामने आए हैं। सोमवार से अब तक 354 मामलों का पता चला हैं। अब तक 326 लोग अस्‍पताल से घर जा चुके हैं।

लव अग्रवाल ने कहा कि ICMR के अध्ययन से पता चला है कि एक COVID-19 मरीज 30 दिनों में 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है, यदि वह लॉकडाउन, सामाजिक दूरी का पालन नहीं करता है। यदि हम लॉकडाउन कर दें तो एक व्यक्ति सिर्फ 2.5 को संक्रमित कर सकता है। उन्‍होंने कहा कि अब तक लॉकडाउन को बढ़ाने को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। कृपया कोई भी अटकल न लगाएं।

यदि कोई रोकटोक नहीं हो, कोरोना से ग्रसित एक व्यक्ति एक महीने में 406 लोगों को ग्रसित कर सकता है। लव अग्रवाल ने आइसीएमआर की ओर से कराए गए एक स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि कोरोना के एक व्यक्ति एक दिन में औसतन 2.5 लोगों को कोरोना से ग्रसित करता है। इस तरह वह 30 दिन में 406 लोगगों तक कोरोना का वायरस पहुंचा देता है। लेकिन लॉकडाउन और दूसरे सोशल डिस्टेंसिंग के कदमों को कड़ाई से लागू कर इसके फैलने की गति को 75 फीसदी कम करने में कामयाब होते हैं, तो एक व्यक्ति 30 दिन में सिर्फ 2.5 लोगों को कोरोना फैला पाएगा। उन्होंने कहा कि स्टडी ने सिद्ध कर दिया है कि सोशल डिस्टेंसिंग से कोरोना वायरस को रोकने में सफल हो सकते हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग के निर्देशों को कड़ाई से लागू कर कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लव अग्रवाल ने आगरा, नोएडा, पूर्वी दिल्ली और भीलवाड़ा जैसे कई जिला प्रशासन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कभी हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए जिले आज दूसरे जिलों के लिए कोरोना को नियंत्रित करने में रोल मॉडल बनकर सामने आए हैं। लव अग्रवाल ने कहा कि राज्यों को कोरोना के मरीजों के इंतजाम के लिए विस्तृत गाइडलाइंस भी जारी की गई है। इसमें राज्यों को कोरोना के माइल्ड, मोडरेट और सिवियर केस के लिए अलग-अलग व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। कोरोना के माइल्ड मरीजों के लिए किसी भी तरह के सपोर्ट सिस्टम की जरूरत नहीं पड़ेगी और सामान्य दवाओं से उनका इलाज हो सकता है। जबकि मोडेरेट के कुछ मामलों और सिवियर केस में वेंटिलेटर जैसे लाइफसपोर्ट सिस्टम की व्यवस्था किया जाना जरूरी है।

लव अग्रवाल ने कहा कि भारतीय रेलवे ने 2,500 डिब्बों में 40,000 आइसोलेशन बेड तैयार किए हैं। वे रोजाना 375 अलगाव बेड तैयार कर रहे हैं और यह देश भर में 133 स्थानों पर चल रहा है।

उन्‍होंने कहा कि सरकार क्लस्टर नियंत्रण और प्रबंधन के लिए जवाबदेह है। कोरेाना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए एक रणनीति अपना रही है। यह रणनीति विशेष रूप से आगरा, गौतमबुद्ध नगर, पठानमथिट्टा, भीलवाड़ा और पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन में सकारात्मक नतीजे दे रही है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के रमन गंगाखेडकर ने कहा कि अब तक कोरोना वायरस के 1,07,006 टेस्‍ट किए गए हैं। वर्तमान में 136 सरकारी प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं और 59 निजी प्रयोगशालाओं को टेस्ट की अनुमति दी गई है।

Posted By: Yogendra Sharma

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