Cyclone Tauktae Updates: अरब सागर के ऊपर बन रहे हवा के कम दबाव के चलते गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के लिए मौसम विभाग (IMD) ने अलर्ट किया है। यह तूफान 16 मई को भारतीय तटों से टकराने की आशंका है। इससे भारी नुकसान का अंदेशा है। केरल में कई तटवर्ती इलाकों में शुक्रवार से ही बारिश शुरू हो गई है। शनिवार सुबह से कोझिकोड में भारी बारिश हो रही है। समुद्र से ऊंची लहरों के उठने के कारण तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। तूफान के मद्देनजर सभी राज्यों में राहत और बचाव के उपाय अभी से शुरू हो गए है। प्रभाव की आशंका वाले छह राज्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 53 दल तैनात कर दिए गए हैं। प्रत्येक दल में पेड़ व बिजली के खंभे काटने, बोट और बचाव-चिकित्सा के उपकरणों से लैस 40 जवान हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र शनिवार सुबह तक बढ़ने की आशंका है। इसके बाद 24 घंटे के भीतर यह चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। 16 से 19 मई के बीच यह भयंकर तूफान का रूप लेकर भारी बर्बादी कर सकता है। यह तूफान 16 मई को भारतीय तटों से टकराने की आशंका है। सबसे पहले इसके गोवा, कोंकण और मुंबई के नजदीकी तटीय इलाकों से टकराने के आसार हैं। इससे पहले लक्षद्वीप में 15 मई को भारी बारिश की आशंका है। इसी दौरान तमिलनाडु के तटीय इलाकों में हल्की और भारी बारिश हो सकती है। कर्नाटक में 15 और 16 मई को हल्की और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जबकि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ इलाके में 17 और 18 मई को भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसी दौरान तूफान वहां टकरा सकता है। तूफान आने से पहले और इसके दौरान देश के तटवर्ती इलाकों में 175 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं और तेज बारिश हो सकती है। सभी राज्य सरकारों और लक्षद्वीप के प्रशासन को राहत और बचाव के उपाय करने के लिए कहा गया है। पर्यटकों और मछुआरों को इस दौरान समुद्र से दूर रहने के लिए कहा गया है।

राज्य सरकारों को तटीय इलाकों में बसी आबादी को अन्यत्र भेजने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर केरल सरकार ने तिरुअनंतपुरम, कोल्लम, पथनामथिट्टा, अलप्पुझा और एर्नाकुलम जिलों में भारी बारिश की आशंका वाला रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। जबकि एनडीआरएफ ने तटवर्ती नौ जिलों में अपने इंतजाम किए हैं। टॉक्टे म्यांमार में छिपकली की पाई जाने वाली एक प्रजाति है। वहां से पैदा चक्रवाती तूफान को यह नाम दिया गया है। अरब सागर के जरिये भारतीय तटों से टकराने वाला यह इस वर्ष का पहला तूफान होगा।

कहीं हल्की तो कहीं गरज के साथ पड़ी बौछारें

पिछले 24 घंटों में पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में हल्की बारिश के साथ एक दो स्थानों पर मध्यम बारिश हुई और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। शनिवार को पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

राजधानी में इससे अलग स्थिति है। कई दिनों की राहत के बाद दिल्ली वासियों को अगले तीन दिन तक चुभन भरी गर्मी झेलनी पड़ सकती है। कारण कि अब पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो गया है और आसमान साफ हो गया है। हालांकि 18 मई से मौसम फिर करवट लेगा और बादल छाने के साथ बारिश होगी।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में तेज हवा के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन दिनभर सूरज की तपन और शाम को उमस से भी लोगों को राहत नहीं मिली। वहीं, शनिवार को तेज हवा चलने के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है।

Posted By: Arvind Dubey

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