NCC Reforms : रक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) को बदलते वक्त के साथ ज्यादा प्रासंगिक बनाने के लिए इसमें व्यापक सुधार का फैसला किया है। रक्षा मंत्रालय ने इसमें बदलाव और सुधारों से संबंंधित सुझावों के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति बनाई है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व सांसद बैजयंत पांडा को सौंपी गई है। ये समिति NCC को ज्यादा प्रासंगिक और उपयोगी बनाने के लिए इसके कामकाज की व्यापक समीक्षा करेगी और सुधार के लिए जरुरी सुझाव देगी। रक्षा मंत्रालय इसके आधार पर आगे की रणनीति तय करेगा।

इस समिति में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, सांसद विनय सहस्त्रबुद्धे व महिन्द्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को भी शामिल किया गया है।

क्या है NCC?

एनसीसी यानी “नेशनल कैडेट कोर (National Cadet Core)” एक ऐसा संगठन है जो स्कूल, कॉलेज तथा विश्विद्यालयों में छात्रों को बेसिक सैन्य प्रशिक्षण देता है। एनसीसी की शुरुआत जर्मनी में हुई थी। जबकि भारत में भारतीय रक्षण एक्ट 1917 के अंतर्गत, 16 जुलाई 1948 में इसकी स्थापना हुई। इसका मकसद युद्ध के समय के लिए युवाओं को तैयार करना होता है, ताकि ये बैकअप फोर्स की तरह काम कर सकें। एनसीसी के अंतर्गत छात्रों को सैनिकों की शैली में ही प्रशिक्षण दिया जाता है | यह सेना की तरह ही थल सेना, वायु सेना तथा जल सेना में विभक्त है और कैडेटों की ट्रेनिंग उसी विंग के सैन्य अधिकारियों द्वारा दी जाती है।

Posted By: Shailendra Kumar