जम्मू : आतंकियों के साथ कार में पकड़े गए पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) देविंदर सिंह की सेवाएं समाप्त करने की पुलिस प्रशासन ने सिफारिश कर दी है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने इस मामले के बाद उठ रहे सवालों पर पुलिस महकमे का बचाव किया और कहा कि देविंदर सिंह को हमने ही पकड़ा है। किसी दूसरी एजेंसी को इसकी भनक भी नहीं थी। काली भेंड़ें तो हर जगह होती हैं, लेकिन गद्दार कोई भी हो, उसको बख्शा नहीं जाएगा। जम्मू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी ने कहा कि देविंदर सिंह को निलंबित कर दिया गया था। अब उसकी सेवाएं समाप्त करने और पुलिस संगठन से निष्कासित करने की सिफारिश भी कर दी गई है। उन्होंने देविंदर के आतंकी संगठनों से रिश्तों पर जानकारी देने से इन्कार करते हुए कहा कि इससे इस मामले में चल रही जांच प्रभावित होगी।

वापस लिए जा सकते हैं वीरता पदक और पुरस्कार

पुलवामा हमले और अन्य आतंकी घटनाओं में देविंदर के लिप्त होने पर उन्होंने कहा कि हमें अटकलों पर नहीं जाना चाहिए। पुलवामा पुलिस लाइन पर हुए आतंकी हमले के दौरान उसकी भूमिका के आधार पर राज्य सरकार ने उसको वीरता पुरस्कार दिया था, जिसे वापस लेने पर विचार किया जा रहा हैं। देविंदर सिंह को केंद्र सरकार की तरफ से कोई इनाम नहीं दिया गया है।

हर जगह पर होती हैं काली भेड़ें

देविंदर जैसे कुछ और देशद्रोही तत्वों के पुलिस महकमे में होने की आशंका पर डीजीपी ने कहा कि काली भेड़ें हर जगह होती हैं। पुलिस अधिकारियों और जवानों के बारे में समय-समय पर छानबीन की आंतरिक व्यवस्था पुलिस महकमें मे है। देविंदर अपनी ड्यूटी को सही तरीके से अंजाम दे रहा था इसलिए पहले उसके ऊपर शक नहीं हुआ।

कानून की नजर में सभी समान हैं

डीजीपी ने कहा कि हम किसी भी राष्ट्रविरोधी तत्व को नहीं बख्शा नहीं जाएगा। देविंदर के मामले में संबंधित कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। कोई भी हो, कानून की नजर में सभी समान है। कुछ समय पहले हमारे दो एसपीओ हथियारों के साथ भागकर आतंकियों से जा मिले थे। हमने पीछा कर उनको दो आतंकियों के साथ मार गिराया था। पिछले साल दो सैन्यकर्मी आतंकियों से जा मिले थे, उन्हें भी मार गिराया गया था। एनआईए को जांच सौंपने की बात पर उन्होंने कहा कि हमने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को जांच सौंपने की सिफारिश की है। पुलिस ने इस मामले में विशेष जांच दल बनाया है। देविंदर सिंह के हैंडल और पाकिस्तान कनेक्शन के बारे में हमें अफवाहों और अटकलों पर कोई ध्यान नहीं देना चाहिए। अभी ऐसा कुछ भी नहीं मिला है।

इस मामले मेंराजनीति नहीं होना चाहिए

देविंदर सिंह को कुछ लोगों द्वारा देविदर खान के नाम से संबोधित किए जाने और कांग्रेस द्वारा पुलिस के अधिकारियों व जवानों की छानबीन संबधी मांग पर उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

Posted By: Yogendra Sharma

fantasy cricket
fantasy cricket