पुणे Serum Institute Fire। देश और दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी Serum Institute of India में भीषण आग लग गई है। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के पुणे स्थित ऑफिस के टर्मिनल-1 गेट पर भीषण आग लगी। हालांकि इस अग्निकांड से कोरोना टीका "कोविशील्ड" के उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने सभी सरकारों और लोगों को आश्वस्त किया है कि इस अग्निकांड से कोरोना टीका कोविशील्ड का उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। देर शाम सीरम इंस्टीट्यूट का दौरा करने के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि आग पूरी तरह बुझने के बाद शुक्रवार सुबह प्रभावित क्षेत्र की फिर से पूरी जांच की जाएगी। तभी हताहतों की संख्या का सही पता लग सकेगा। उन्होंने कहा कि 99 फीसद उम्मीद यही है कि मरने वालों की संख्या पांच ही है। इंस्टीट्यूट के कई एकड़ में फैले परिसर में दोपहर बाद करीब ढाई बजे इमारत की पांचवीं मंजिल पर आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि जहां आग लगी वहां पहले से कुछ ज्वलनशील पदार्थ रखे थे, जिनमें शार्ट सर्किंट से आग लग गई। घटनास्थल कोविशील्ड वैक्सीन उत्पादन इकाई से करीब एक किलोमीटर दूर है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के अनुसार आग लगने के बाद जल्द ही दमकल विभाग की पांच गाड़ियां एवं पानी के तीन टैंकरों ने वहां पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। सीरम की अपनी अग्निशमन टीम भी आग बुझाने में लगी थी।

इसके बावजूद आग पर काबू पाने में करीब तीन घंटे लग गए। आग बुझने के कुछ देर बाद शाम करीब साढ़े छह बजे एक बार फिर पांचवीं मंजिल पर ही आग की लपटें दिखाई देने लगीं। दोबारा आग भड़कने से पहले प्रभावित क्षेत्र से पांच शव बरामद हो चुके थे तथा नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ की टीम लगी है। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के रमाशंकर एवं बिपिन सरोज, बिहार के सुशील कुमार पांडे और पुणे के महेंद्र इंगले व प्रतीक पाष्टे के रूप में हुई है। सीरम इंस्टीट्यूट ने मृतकों के स्वजन को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुर्घटना में लोगों की मौत पर दुख जताया है।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के खिलाफ वैक्सीन के निर्माण में सीरम इंस्टीट्यूट ने प्रमुख भूमिका निभाई है। सीरम इंस्टीट्यूट देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है। सीरम इंस्टीट्यूट ने ही कोविशील्ड वैक्सीन को तैयार किया है, जिसे भारत में कोरोना महामारी के खिलाफ आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोग की अनुमति केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। साथ ही कोरोना महामारी के खिलाफ देशभर में 16 जनवरी से शुरू किए गए टीकाकरण अभियान में भी कोविशील्ड वैक्सीन ही लगाई जा रही है। साथ ही भारत के पड़ोसी देशों में भी अनुदान स्वरूप सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड वैक्सीन ही पहुंचाई जा रही है।

Posted By: Sandeep Chourey

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