New Vaccine for Corona: कोरोना के खिलाफ जंग में जल्द ही एक और बड़ा हथियार देश को मिलनेवाला है।देश की अपनी पहली mRNA आधारित वैक्सीन लगभग तैयार हो चुकी है। पुणे की फार्मास्युटिकल कंपनी जिनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स लि. (Gennova Biopharmaceuticals) ने अपनी कोविड-19 मैसेंजर या एमआरएनए वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल लगभग पूरा कर लिया है। अच्छी बात ये है कि ये कंपनी इसी तकनीक के आधार पर ओमिक्रॉन स्पेसिफिक वैक्सीन का विकास शुरू कर दिया है। जल्द ही इसे सुरक्षा और प्रभाव के परीक्षण के लिए इंसानों पर इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी ने वैक्सीन की रिस्क मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी है और एक बार रेग्युलेटरी अप्रूवल मिलने के बाद पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन बनाया जाने लगेगा।

मैसेंजर आरएनए या mRNA टेक्नोलॉजी में इम्यून रिस्पांस को बढ़ाने के लिए वायरस के जेनेटिक कोड (RNA) के एक छोटे से हिस्से को शरीर में प्रवेश कराया जाता है। ये कोरोनावायरस के एक हिस्से की नकल करते हैं और इससे इम्यून सिस्टम सक्रिय हो जाता है। वैक्सीन में कोई वास्तविक वायरस शामिल नहीं होता है। जिनोवा ने अमेरिका के एचडीटी बायोटेक कॉरपोरेशन के साथ मिलकर एमआरएनए वैक्सीन (एजीसीओ19) विकसित की है, जो रोडेंड और नॉन ह्यूमन मॉडल्स में सुरक्षित, एंटीबॉडी न्यूट्रलाइजेशन में सक्षम साबित हुई है।

जिनोवा ने साल 2021 में ही 3,000 से ज्यादा सबजेक्ट्स पर दूसरे चरण का ट्रायल डाटा जमा कर दिया था और वो अपने डेल्टा वैरिएंड बेस्ड एमआरएनए के तीसरे चरण का ट्रायल पूरा करने के करीब है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑगर्नाइजेशन (CDSCO) कंपनी की तरफ से सौंपे गए ट्रायल डेटा का अध्ययन करेगा और फैसला करेगा कि वैक्सीन को मंजूरी दी जाए या नहीं। इसी हफ्ते डाटा की समीक्षा करने और इसकी मंजूरी से जुड़ा फैसला लेने का अनुमान जताया जा रहा है।

Posted By: Shailendra Kumar