देश में कोरोना संक्रमण के दौरान लगे Lockdown में केंद्र सरकार ने हर वर्ग को राहत दी थी और इसमें आम करदाता भी शामिल थे जिन्हें आयकर भरने के लिए जरूर वक्त दिया गया। अब इसी कड़ी में सरकार के प्रति करदाताओं का भरोसा बढ़ाने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईमानदार करदाताओं के लिए कुछ नई घोषणाएं की हैं।इसे प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सुधार के रुप में भी देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर Transparent Taxation Platform लॉन्च किया है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश के ईमानदार टैक्सपेयर्स को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अब डरने की जरूरत नहीं। टैक्स के मामले में गलत तौर-तरीके अपनाना सही नहीं है। ईमानदार टैक्सपेयर्स की वजह से देश का सम्मान है। देश का ईमानदार करदाता राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब देश के ईमानदार करदाता का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है, देश भी आगे बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म में कई बड़े बदलाव किए गए हैं जिनमें फेसलेस असेसमेंट, फेसलेस अपील और टैक्सपेयर चार्टर शामिल है। टैक्सपेयर चार्टर और फेसलेस असेसमेंट आज से लागू हो रहा है। वहीं फेसलेस अपील 25 सितंबर से लागू होगी। हमारा जोर हर नियम-कानून को लोगों पर केंद्रित करना है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश में चल रहा स्ट्रक्चरल रिफॉर्म का सिलसिला आज एक नए पड़ाव पर पहुंचा है। Transparent Taxation – HonoringTheHonest, 21वीं सदी के टैक्स सिस्टम की इस नई व्यवस्था का आज लोकार्पण किया गया है। पिछले 6 सालों में अनबैंक को बैंकिंग, असुरक्षित को सुरक्षित और गैर फंडेंड को फंडेड बनाना हमारा फोकस रहा है।

पीएम मोदी ने आगे कहा, Reform के प्रति भारत की इसी प्रतिबद्धता को देखकर विदेशी निवेशकों का विश्वास भी भारत पर लगातार बढ़ रहा है। कोरोना के इस संकट के समय भी भारत में रिकॉर्ड FDI का आना इसी का उदाहरण है। पहले 10 लाख रुपए के ऊपर के विवादों को लेकर सरकार हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाती थी। 'विवाद से विश्वास' जैसी योजना से कोशिश ये है कि ज्यादातर मामले कोर्ट से बाहर ही सुलझ जाएं। प्रक्रियाओं की जटिलताओं के साथ-साथ देश में Tax भी कम किया गया है। 5 लाख रुपये की आय पर अब टैक्स जीरो है। बाकी स्लैब में भी टैक्स कम हुआ है। Corporate tax के मामले में हम दुनिया में सबसे कम tax लेने वाले देशों में से एक हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि, Taxpayer Charter भारत के विकास की यात्रा में एक बड़ा कदम होगा। यह करदाता के अधिकारों और जिम्मेदारियों का संतुलन बनाएगा। दुनिया में कुछ ही देश है जो करदाता को इस तरह का सम्मान देते हैं। फेसलेस असेसमेंट कंप्यूटर द्वारा रेंडमली तय किए जाएंगे और वक्त-वक्त पर इनमें बदलाव भी होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आयकर प्रशासन और आयकर दाता आपस में संपर्क ना करें जिससे किसी भी तरह के दबाव की संभावना शून्य होगाी। वर्ष 2012-13 में जितने टैक्स रिटर्न्स होते थे, उसमें से 0.94 परसेंट की स्क्रूटनी होती थी। वर्ष 2018-19 में ये आंकड़ा घटकर 0.26 परसेंट पर आ गया है। स्क्रूटनी का 4 गुना कम होना, अपने आप में बता रहा है कि बदलाव कितना व्यापक है।

सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 'पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान' (Transparent Taxation-Honoring the Honest) की शुरुआत की जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी जुड़ी हुई थी।

वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ईमानदार करदाताओं का सम्मान और भ्रष्टाचार से मुक्त टैक्स सिस्टम देना पीएम मोदी के विजन का हिस्सा हैं। इस विजन को जमीन पर उतारने के लिए CBDT के कोशिश की है और सिस्टम को एक साथ रखा है।

Posted By: Ajay Kumar Barve

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