भारत सरकार लंबे समय से खाने के तेल की कीमतें कम करने की कोशिश कर रही है। इस प्रयास में कस्टम ड्यूटी में कटौती से लेकर घरेलू उत्पादन में बढ़ोत्तरी और कालाबाजारी रोकने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। सरकार के इन प्रयासों का असर भी दिखने लगा है। केंद्र सरकार ने जानकारी देते हुए बताया है कि देश भर के थोक बाजारों में आठ प्रकार के खाद्य तेलों की कीमतों में बीते हफ्ते की तुलना में गिरावट आई है। बयान में कहा गया कि 14 सितंबर को मूंगफली, सरसों तेल, वनस्पति, सूरजमुखी तेल, पाम तेल, नारियल तेल और तिल तेल की थोक कीमतों में गिरावट आई।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बताया है कि पिछले सप्ताह Palm Oil का थोक भाव 12,666 रुपये प्रति टन था, जो 14 सितंबर को 2.50 प्रतिशत गिरकर 12,349 रुपये प्रति टन रह गया।

तिल और नारियल के तेल में भी आई कमी

पिछले हफ्ते के मुकाबले तेल, नारियल और सुरजमुखी के तेल की कीमतें भी कम हुई हैं। तिल तेल के थोक भाव में 2.08 प्रतिशत गिरावट आई है और अब यह घटकर 23,500 रुपये प्रति टन रह गया है। वहीं नारियल तेल के दाम 17,100 रुपये प्रति टन हो चुके हैं। इसमें 1.72 प्रतिशत की कमी आई है। इसके साथ ही सूरजमुखी तेल का थोक भाव पहले 16,176 रुपये प्रति टन था, जो अब 1.30 प्रतिशत, घटकर 15,965 रुपये प्रति टन रह गया।

सरसों के तेल की कीमतों में नहीं हुआ ज्यादा बदलाव

पिछले एक सप्ताह में मूंगफली तेल का थोक भाव भी 1.38 प्रतिशत घटकर 16,839 रुपये प्रति टन हो गया है, लेकिन सरसों के तेल में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। सरसों तेल और वनस्पति का थोक भाव एक प्रतिशत से कम की गिरावट के साथ क्रमश: 16,573 रुपये प्रति टन और 12,508 रुपये प्रति टन है। खाद्य तेलों की थोक कीमतों में गिरावट के बावजूद पिछले साल की तुलना में इस साल तेल की कीमतें काफी ज्यादा हैं।

कीमतें कम करने के लिए सरकार ने क्या किया

खाने के तेल की कीमत कम करने के लिए सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क कम किया है। इससे तेल की आपूर्ति बढे़गी। साथ ही जमाखोरी के खिलाफ भी कदम उठाए गए हैं और सरकार के दलहन की फसलों की तरह तेल के लिए भी एक पोर्टल बनाया है, जिसमें थोक विक्रेताओं, मिल मालिकों और रिफाइनरों को अपने स्टॉक का विवरण डालने के लिए कहा गया है। इससे तेल की कालाबाजारी पर रोक लगेगी। खुदरा विक्रेताओं को भी ब्रांडेड खाद्य तेलों की दरों को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है, इससे उपभोक्ता अपने पसंद के तेल का चुनाव आसानी से कर सकेंगे।

Posted By: Navodit Saktawat