केंद्र सरकार ने तब्लीगी जमात की गतिविधियों में शामिल किसी भी विदेशी को अब वीजा नहीं देने का फैसला किया है। यह फैसला इस तथ्य के सामने आने के बाद लिया गया, जब पता चला कि एक जनवरी से अब तक 2100 विदेशी तब्लीगी कार्यकर्ता भारत आए और देश के विभिन्न हिस्सों में तब्लीगी गतिविधियों को अंजाम दिया। इस बीच दिल्ली के निजामुद्दीन के तब्लीगी मरकज में शामिल लोगों की तलाश भी तेज कर दी है। मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने तब्लीगी मरकज प्रमुख मौलाना साद और प्रबंधन से जुड़े लोगों के खिलाफ महामारी रोग अधिनियम की विभिन्न धाराओं और आपराधिक साजिश रचने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि इन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम, उपचार और सुरक्षा उपायों की पूरी तरह से अनदेखी की। जबकि दिल्ली में जनता कर्फ्यू से पहले ही पांच से अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने की मनाही थी। देशभर के अन्य राज्यों में भी ऐसे लोगों से संपर्क किया जा रहा है, जो फरवरी या मार्च में मरकज में आए थे। दिल्ली नगर निगम ने भी मरकज की जांच शुरू कर दी है। इसमें इमारत को अनधिकृत रूप से बनाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद निगम ने इमारत को सील किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है। बता दें, मरकज में शामिल होने आए विदेशियों, जिसमें ज्यादातर धर्म उपदेशक हैं, उनके खिलाफ वीजा नियमों का उल्लंघन का केस भी चल सकता है। ये सभी टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आए थे जबकि धर्म का प्रचार करना वीजा नियमों का उल्लंघन है। 441 में कोरोना के लक्षणनिजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज से निकाले गए 1548 लोगों में से 441 में कोरोना के लक्षण मिले हैं। कोरोना संदिग्धों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। बचे हुए 1107 लोगों को क्वारंटाइन सेंटर में भेजा गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, मार्च में अब तक तब्लीगी मकरज में देश-विदेश के 1830 लोग आ चुके हैं। यह संख्या और भी बढ़ सकती है। दिल्ली और देश के अन्य राज्यों में ऐसे लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। ड्रोन से भी तब्लीगी मरकज के आसपास के क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।लॉकडाउन के बाद भी जुटे लोगतब्लीगी मरकज में धार्मिक प्रचार प्रसार के लिए देश-विदेश के लोगों पूरे साल आते रहते हैं। 12 से 15 मार्च के बीच यहां हुए कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सैकड़ों लोग देश के विभिन्न राज्यों में वापस चले गए। इसके बाद भी आने वालों का सिलसिला चलता रहा। इसी बीच 22 मार्च को हुए लॉकडाउन के बाद भी यहां सैकड़ों लोग जुटे हुए थे। इनमें सैकड़ों विदेशी भी शामिल थे। रविवार और सोमवार को यहां रुके 24 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जमात में शामिल तेलंगाना के रहने वाले 6 लोगों की सोमवार को कोरोना से मौत भी हो गई थी। यह है मरकज और तब्लीगी जमाततब्लीगी जमात सुन्नी मुसलमानों का एक ऐसा संगठन है जो चाहता है कि दुनिया भर के मुसलमान वैसे ही रहें जैसे कि वे पैगंबर साहेब के समय में रहते थे। यानी उनका खानपान, वेशभूषा और रीति-रिवाज सब कुछ उसी समय का हो। माना जाता है कि इस जमात के दुनिया भर में करीब 20 करोड़ सदस्य हैं। 1927 में स्थापित इस संगठन का मजबूत गढ़ दक्षिण एशिया है, लेकिन करीब सौ से ज्यादा देशों में इसकी पहुंच बताई जाती है। इसकी स्थापना भारत के मेवात में मुहम्मद इल्यास अल कंधालवी ने की थी। तब्लीगी जमात के छह सिद्धांत हैं। कलमा, सलाह, इल्म ओ जिक्र, इकराम ओ मुस्लिम, इखलास ए नीयत और दावत ओ तब्लीगी। इसका मुख्यालय दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित है। इससे देश से लेकर विदेश तक लोग जुड़े हुए हैं। जमात के मुताबिक वह किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन नहीं करती क्योंकि उसका उद्देश्य धार्मिक है। यानी कुरान और हदीस की शिक्षाओं का प्रचार प्रसार।------------------------तब्लीगी जमात में शामिल हुए लोग राज्य शामिल हुए लोग अंडमान 21असम 216 बिहार 86हरियाणा 130 हिमाचल 17 हैदराबाद 55 कर्नाटक 45 केरल 15 महाराष्ट्र 109 मेघालय 05 मध्य प्रदेश 107 ओडिशा 15 पंजाब 09 राजस्थान 19 झारखंड 46 तमिलनाडु 501 उत्तराखंड 34 उत्तर प्रदेश

Posted By: Navodit Saktawat

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