Hyderabad floods Video: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी बारिश का दौर जारी है। सबसे अधिक प्रभावित शहरों में हैदराबाद भी शामिल है। यहां बालापुर झील का पानीा शहर में घुस गया है। इससे सड़कों और गलियों में बाढ़ आ गई है। कारों समेत अन्य वाहर बह गए हैं। नीचे देखिए वीडियो। इस बीच, मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि भारी बारिश का यह दौर बुधवार तक जारी रह सकता है। बता दें, तेलंगाना में हाल के दिनों में भारी बारिश में पचास से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने हैदराबाद एक बार फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और कहा है कि बिजली गिरने और गरज के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका है।

अरब सागर में उठा तूफान, अगले हफ्ते इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी मध्य और पूर्वोत्तर अरब सागर से सटे इलाकों में गहरा विक्षोभ बन रहा है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने संभावना है और पूर्व मध्य में तथा पूर्वोत्तर अरब सागर से सटे इलाकों में केंद्रित रहने की संभावना है। इसके असर से समुद्र में तेज लहरें उठ सकती हैं। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे पूर्व मध्य और पूर्वोत्तर अरब सागर में न जाएं। इस बीच, एक अन्य अनुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में कहीं कहीं भारी बारिश हो सकती है।

स्कायमेट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी की तरफ से आए डिप्रेशन के कारण मध्य भारत के भागों में मौसम सक्रिय हुआ। इस सिस्टम से मध्य भारत होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा भी बनी हुई है जिसके कारण मध्य क्षेत्र में बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि दक्षिणी मध्य महाराष्ट्र और दक्षिणी कोकण गोवा में अगले दो-तीन दिनों के दौरान वर्षा में काफी कमी आ जाएगी। लेकिन दक्षिणी छत्तीसगढ़, दक्षिणी मध्य प्रदेश, पूर्वी गुजरात के दक्षिणी भागों, सौराष्ट्र और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में आज से बारिश की गतिविधियों में वृद्धि होगी।

बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे गुजरात और मध्य प्रदेश के मध्य तथा उत्तरी क्षेत्रों में भी बढ़ेंगी। 16 से 19 अक्टूबर के बीच मध्य प्रदेश और गुजरात के अनेक जिलों में हल्की से मध्यम और एक-स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। हालांकि लगातार मूसलाधार वर्षा की आशंका फिलहाल नहीं है। इन भागों में इस बारिश को बेमौसम बरसात कह सकते हैं क्योंकि आमतौर पर मध्य भारत के ज्यादातर हिस्सों से 10 अक्टूबर आते-आते मॉनसून वापस लौट जाता है। लेकिन 6 अक्टूबर के बाद से मॉनसून की वापसी में कोई प्रगति नहीं हुई है। मध्य तथा पूर्वी राज्यों से मॉनसून के वापस जाने के लिए स्थितियां अभी भी अनुकूल नहीं है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में अब तक हुई इस बेमौसम बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। अब गुजरात तथा मध्य प्रदेश की बारी है, जहां पर होने वाली बारिश के कारण फसलों को नुकसान होने की आशंका है। छत्तीसगढ़ में भी अभी बारिश की उम्मीद बनी रहेगी।

पढ़िए मौसम विभाग की पूरी चक्रवात चेतावनी

  • भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के चक्रवात चेतावनी विभाग के अनुसार, पूर्व मध्य और दक्षिण गुजरात तट से सटे पूर्वोत्तर अरब सागर और उत्तर-पश्चिम की ओर गहरा विक्षोभ बन रहा है और यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है।
  • यह 17 अक्टूबर 2020 को 0530 बजे पूर्व मध्य और आसपास के पूर्वोत्तर अरब सागर की तरफ बढ़ सकता है। अगले 12 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने संभावना है और पूर्व मध्य में तथा पूर्वोत्तर अरब सागर से सटे इलाकों में केंद्रित रहने की संभावना है।
  • अगले 24 घंटों के दौरान सौराष्ट्र के तटीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
  • अगले 12 घंटों के दौरान पूर्व मध्य और पूर्वोत्तर अरब सागर से सटे इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक जा सकती है।
  • अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र के तटों के पर 25-35 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है जिसकी रफ्तार बढ़कर 45-35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक जा सकती है।

Posted By: Arvind Dubey

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