नई दिल्ली। हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों का हैदराबाद पुलिस ने शुक्रवार अलसुबह एनकाउंटर कर दिया है। पुलिस चारों आरोपियों को जब घटना का रीक्रिएशन करने के लिए मौके पर लेकर गई थी उसी दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की थी। आरोपियों ने पुलिस के हथियार छीनकर उन पर हमला भी किया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की। इसमें चारों आरोपियों की मौत हो गई। एनकाउंटर के बाद देशभर में खुशी की लहर है। चारों आरोपियों की एनकाउंटर में हुई मौत के बाद हैदराबाद की पीड़िता और उसके परिवार को 10 दिनों के भीतर ही इंसाफ मिल गया है। जानें महिला डॉक्टर की हत्या से लेकर एनकाउंटर के बीच का पूरा घटनाक्रम।

हैदराबाद की 27 नवंबर की शाम के वक्त कुछ ऐसा घटा जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। महिला वेटनरी डॉक्टर रोजाना की तरह टोल नाके पर अपनी गाड़ी रखकर अस्पताल गई थी। जब वह वापस लौटी तो उसने देखा कि उसकी गाड़ी की हवा निकली हुई है। जिस वक्त महिला डॉक्टर परेशान हो रही थी उसी दौरान कुछ संदिग्ध लोगों ने उसे मदद के बहाने चारों तरफ से घेर लिया और सुनसान जगह ले जाने की कोशिश करने लगे। रात नौ बजे के लगभग घबराई डॉक्टर ने अपनी बहन को कॉल किया और आपबीती सुनाई। इसके साथ ही बहन से मदद के लिए भी कहा। इस दौरान बहन ने उसे दोबारा टोल बूथ पर जाने की सलाह दी।

इसके कुछ देर बार जब दोबारा वेटनरी डॉक्टर को उसकी बहन ने फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद परिवार ने पीड़िता को ढूंढना शुरु किया। परिजनों ने पुलिस में बेटी के लापता होने की शिकायत भी दर्ज कराई।

इसके अगले ही दिन शादनगर से दूर अंडरपास पर एक जला हुआ शव मिला। इस शव की जब पीड़िता के परिवार को शिनाख्त कराई गई तो पीड़िता के परिवार ने शव से मिले लॉकेट से बेटी को पहचान लिया। इस वारदात के बाद देशभर में सनसनी फैल गई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। इसके लिए पुलिस ने अपना नेटवर्क सक्रिय करने के साथ ही घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेजेस को भी खंगाला। पुलिस ने मुखबिरों को भी सक्रिय किया।

आरोपियों तक पुलिस को पहुंचने में सबसे बड़ा सुराग पेट्रोल पंप के कर्मचारी प्रवीण से मिला। आरोपी प्रवीण से पेट्रोल लेने आए थे, पर प्रवीण ने उन्हें पेट्रोल देने से मना कर दिया। प्रवीण के बताए हुलिए के आधार पर पुलिस ने तलाश शुरू की और शंका के आधार पर पुलिस ने शादनगर से लगभग 140 किलोमीटर दूर स्थित गांव से गिरफ्तार किया। चारों आरोपी गांव के ही रहने वाले थे।

पुलिस ने इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस की कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि चारों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।

जब वेटनरी डॉक्टर टोल बूथ पर गाड़ी रखकर गई थी तभी वारदात की योजना बन गई थी। एक आरोपी ने पहले जाकर गाड़ी की हवा निकाल दी। इसके बाद सभी वेटनरी डॉक्टर के लौटने का इंतजार करने लगे। रात को जब महिला डॉक्टर वापस लौटी तो आरोपियों ने उसे मदद के बहाने घेर लिया। इसके बाद उसे जबर्दस्ती सुनसान इलाके में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद दो आरोपी पेट्रोल लाए और पीड़िता पर डालकर उसे जिंदा जला दिया। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने अपने घर चले गए।

इस वारदात के बाद देशभर में गुस्सा फूट पड़ा था। चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जब शादनगर पुलिस स्टेशन में रखा गया तो सैकड़ों की संख्या में गुस्साई भीड़ ने थाने को चारों ओर से घेर लिया था। हालात बिगड़ते के बाद चारों आरोपियों को सेंट्रल जेल भेजा गया था।

इसके बाद पुलिस को 4 नवंबर को कोर्ट से चारों आरोपियों की रिमांड मिल गई थी। पूछताछ के बाद शुक्रवार अलसुबह पुलिस घटना के रीक्रिएशन के लिए जब घटनास्थल पर पहुंची तो आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीनकर हमला बोल दिया। इसके जवाब में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस दौरान लगभग दस मिनिट तक मुठभेड़ चली जिसमें पुलिस ने चारों आरोपियों को मार गिराया।

Posted By: Neeraj Vyas

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