चेन्नई। चेन्नई पुलिस ने आईआईटी मद्रास की एक छात्रा की आत्महत्या से जुड़े मामले को केंद्रीय अपराध शाखा में ट्रांसफर कर दिया है। उसके माता-पिता ने एक मोबाइल फोन नोट मिला था, जिसमें संकाय के एक सदस्य को छात्रा ने अपनी मौत का कारण बताया था। परिवार के आरोप के बाद छात्रा की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच में भेज दिया गया है। छात्रा के माता-पिता ने यह भी दावा किया है कि संकाय के तीन सदस्यों ने उनकी बेटी को धार्मिक उत्पीड़न भी किया था। पुलिस ने छात्रा के दोस्तों और संकाय के कुछ सदस्यों से प्रारंभिक पूछताछ की है।

चेन्नई पुलिस कमिश्नर एके विश्वनाथन ने आज कहा कि हमने एक विशेष टीम गठित की है। एडीसी मेगालिना जांच अधिकारी होंगे और टीम में अनुभवी अधिकारी होंगे क्योंकि यह एक संवेदनशील मामला है। एकीकृत एमए कार्यक्रम के प्रथम वर्ष की छात्रा पिछले सप्ताह अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाई गई थी। पुलिस ने कहा कि उस समय सुसाइड नोट नहीं मिला था। उसके मोबाइल फोन से जो नोट बरामद हुआ है, उसकी जांच की जा रही है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने वैज्ञानिक जांच के लिए फोन को भेज रहे हैं। इसके बाद ही हम उसके माता-पिता के आरोपों की पुष्टि या खंडन कर सकते हैं। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है। बताते चलें कि पिछले 11 महीनों में आईआईटी मद्रास में यह पांचवीं आत्महत्या का मामला था।

इस साल चार छात्र और एक महिला संकाय सदस्य आत्महत्या कर चुकी है। पीड़ितों में बीटेक, एमटेक के छात्र और एक पीएचडी स्कॉलर था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रों ने शैक्षणिक दबाव, अवसाद और तनाव की शिकायत की थी। कथित तौर पर संकाय सदस्य के आत्महत्या करने का मामला व्यक्तिगत था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai