सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इसरो साइंटिस्ट नंबी नारायण जासूसी मामले में CBI को दोषी पुलिस अफसरों के खिलाफ जांच जारी रखने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट केंद्र की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें नारायणन से जुड़े जासूसी मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर कमेटी द्वारा रिपोर्ट पर विचार करने का अनुरोध किया गया था। आपको बता दें दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवकाश प्राप्त जज जस्टिस डीके जैन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में अपनी सीलबंद रिपोर्ट सौंपी थी। कोर्ट ने हाई लेवल कमेटी की इस रिपोर्ट को CBI को सौंपने का आदेश देते हुए कहा कि जांच एजेंसी इस कमेटी के निष्कर्षों को शुरुआती जांच का हिस्सा मान सकती है। कोर्ट ने CBI को तीन महीनों के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

अदालत ने 14 सितंबर, 2018 को केरल सरकार को नारायणन को 50 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का निर्देश देने के साथ इस कमेटी की नियुक्ति की थी। ये मामला 1994 का है, जिसमें दो वैज्ञानिकों और चार अन्य लोगों पर भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों को दूसरे देशों को दिए जाने का आरोप लगा था। वैज्ञानिक नंबी नारायण को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब केरल में कांग्रेस की सरकार थी। जब ये मामला कोर्ट में पहुंचा, तो लंबी कानूनी लड़ाई के बाद नंबी नारायण दोषमुक्त करार दिये गये। इसके बाद सीबीआई ने भी जांच शुरु की। सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि केरल में तत्कालीन टॉप पुलिस अधिकारी ही नारायणन की गैर-कानूनी गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार थे।

Posted By: Shailendra Kumar

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