अगरतला। हैदराबाद और उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िताओं को आरोपितों द्वारा जलाए जाने की बर्बर घटनाओं को लेकर देशभर में पनपा आक्रोश अभी थमा भी नहीं कि त्रिपुरा में भी एक वैसी ही हैवानियत सामने आई है। यहां सत्रह वर्षीय एक लड़की से डेढ़ महीने तक दुष्कर्म हुआ और उसके बाद मां-बेटे ने दहेज की रकम लेने के बाद उसे जिंदा जला भी दिया। यह जानकारी रविवार को पुलिस ने दी। मामले में आरोपित अजॉय रुद्र पॉल (25) तथा उसकी मां अनिमा रुद्र पॉल (59) को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पीड़िता की मौत गोविंद वल्लभ पंत मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को हुई। पुलिस ने पीड़िता के पिता के हवाले से बताया कि अजॉय ने लड़की का उसके घर से 28 अक्टूबर को अपहरण कर लिया था और फिर दक्षिण त्रिपुरा में संतीर बाजार स्थित अपने घर ले गया। उसके बाद अजॉय उसके साथ बराबर दुष्कर्म करता रहा और शादी के लिए पांच लाख रुपए की मांग की। पीड़िता के परिवार के दबाव में अजॉय शुक्रवार को दहेज की पहली किस्त लेने के बाद 11 दिसंबर को शादी करने को राजी हुआ। लेकिन दहेज को लेकर अजॉय का अपनी मां से झगड़ा हुआ और उसने पीड़िता पर केरोसिन उड़ेल कर आग लगा दी।

पीड़िता की मौत से गुस्साए उसके परिजनों तथा पड़ोसियों ने अस्पताल में ही अजॉय और उसकी मां पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मौत से पहले पीड़िता का बयान भी दर्ज किया गया था। पीड़िता के पड़ोसियों का कहना है कि अजॉय के एक रिश्तेदार की शादी पीड़िता के परिवार में है। इस कारण ये दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और फिर सोशल मीडिया तथा फोन पर बातचीत के जरिए आपस में करीब आए थे।

उप्र में दुष्कर्म पीड़िता पर एसिड अटैक

उत्तर प्रदेश में उन्नाव कांड के बाद दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ एक और हैवानियत की घटना सामने आई है। मुजफ्फरनगर में चार लोगों ने अपने खिलाफ दुष्कर्म का केस वापस लेने से इनकार करने के बाद पीड़िता पर एसिड अटैक किया। इस घटना में 30 वर्षीय पीड़िता 30 फीसदी जल गई है और मेरठ के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

शाहपुर पुलिस थाना के सर्किल अफसर गिरजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता द्वारा कोर्ट में दायर दुष्कर्म का केस वापस नहीं लेने से नाराज चार आरोपितों ने उसके घर में घुसकर उस पर एसिड उड़ेल दिया।

उन्होंने बताया कि आरोपित फिलहाल फरार हैं लेकिन उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत करने के बजाय कोर्ट में ही केस दर्ज कराया था, क्योंकि पुलिस ने उसकी पहली शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म का कोई सबूत नहीं था, इसलिए केस को बंद कर दिया गया था।

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