देश में बढ़ते कोरोना केस के बीच केंद्र सरकार ने बड़ निर्णय लिया है। कोविड इलाज में हो रही परेशानी को दूर करने आयकर नियमों में छूट देने का फैसला किया है। अब नए नियमों संक्रमण का इलाज करने वाले हॉस्पिटल, नर्सिंग होम या अन्य कोविड सेंटर्स दो लाख या इससे अधिक रकम नकद ले सकेंगे। हालांकि भुगतान करने वाले व्यक्ति को अपना पैन या आधार कार्ड का विवरण देना होगा।

अस्पताल को भी जानकारी लेनी होगी कि भुगतान करने वाले शख्स का कोरोना संक्रमित से क्या संबंध है। फिलहाल दो लाख या इससे अधिक नकद भुगतान की सुविधा 31 मई 2021 तक है। सरकार के इस फैसले पर टैक्स विशेषज्ञों ने कहा कि इससे कुछ फायदें और नुकसान हो सकते हैं। सीए मनीष गुप्ता ने कहा कि इससे फायदा होगा कि प्राइवेट अस्पताल नकद पेमेंट मिलते ही इलाज शुरू कर देंगे। निजी अस्पताल पैसे देर से मिलने पर इलाज में लापरवाही करते हैं।

गुप्ता ने कहा कि इसका नुकसान यह है कि लोग नकद राशि के रूप में मदद देने से बचेंगे। लोगों के मन में आयकर विभाग से पूछताछ का डर रहेगा। उन्होंने कहा, कई बार इलाज के लिए एक ही मरीज को कई लोग सहायता करते हैं। ऐसे में सभी लोगों का पैन और आधार कार्ड की जानकारी जुटाना संभव नहीं है। सीए मनीष ने आगे कहा कि हमारे देश में अक्सर लोग अपनी पहचान छुपाकर मदद करना पसंद करते हैं। ऐसे में वे लोग मदद करने में थोड़ा हिचकिचाएंगे। वहीं विशेषज्ञों के अनुसार सरकार मदद करने वाले का डॉक्टूमेंट इसलिए लेना चाहती है। जिससे कोरोना इलाज के नाम पर कालेधन का उपयोग नहीं शुरू हो जाएं।

Posted By: Navodit Saktawat

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