नई दिल्ली। जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने देश के अगले चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। इसके साथ ही वो पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की जगह ले लेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उन्हें राष्ट्रपति भवन में एक विशेष आयोजन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस बोबडे का चीफ जस्टिस के रूप में कार्यकाल 18 महीने का रहेगा और वो 23 अप्रैल 2021 को इस पद से रिटायर होंगे।

पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने रिटायरमेंट से पहले जस्टिस बोबडे का नाम इस पद से लिए राष्ट्रपति के सामने प्रस्तावित किया था और इसे मंजूरी मिल गई थी। 63 साल के जस्टिस बोबडे हाल ही में आए अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद में फैसला देने वाली बेंच में शामिल थे।

इसके अलावा भी जस्टिस बोबडे कई अहम बेंच का हिस्सा रहे जिन्होंने बड़े फैसले सुनाए हैं। इनमें निजता को मौलिक अधिकार करार दिया जाना भी शामिल है। बोबडे उस 9 सदस्यीय संविधान पीठ का हिस्सा थे जिसने यह फैसला दिया। उस समय इस बेंच की अध्यक्षता तात्कालीन चीफ जस्टिस जे एस खेहर कर रहे थे। 12 अप्रैल 2013 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने जस्टिस बोबडे ने पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के मामले की भी जांच की थी। उनके साथ इस मामले की जांच करने वाली टीम में दो महिला जज भी थीं।

Posted By: Ajay Barve

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