Mathura Krishna Janmabhoomi: यूपी चुनाव में मंदिर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। इस बार बात हो रही है मथुरा के प्रसिद्ध कृष्ण जन्मभूमि मंदिर का। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने बुधवार को अपने एक बयान में यह मुद्दा उछाला था। विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आई तो गुरुवार को फिर आक्रामक रुख अपना लिया। पूछा कि आखिर विपक्षी दलों को मथुर में कृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर बनने से ऐतराज क्यों है। केशव प्रसाद मौर्य ने अपने ट्वीट में लिखा, 'अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना पर काम चल रहा है और अब हम मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि पर एक मंदिर के निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बीजेपी के लिए ये चुनावी मुद्दे नहीं हैं।'

Mathura Krishna Janmabhoomi: अखिलेश यादव से सवाल

कैशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष से सवाल किया, मथुरा में श्री कृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बने, यह हर कृष्ण भक्त की इच्छा है। मैंने ट्वीट के माध्यम से भाव को प्रकट किया है। विपक्षी नेताओं से पूछना चाहता हूं कि मथुरा में श्री कृष्ण के भव्य मंदिर बनने का विरोध करते हैं या समर्थन करते हैं। चुनाव का मुद्दा ना भगवान श्रीराम का मंदिर है, ना ही श्री कृष्ण जी का मंदिर है। अखिलेश कहते हैं कृष्ण भक्त हूं, राम भक्त हूं, तो बताएं कृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण चाहते हैं या नहीं चाहते हैं।

Mathura News: 6 दिसंबर का दिन अहम

नारायणी सेना ने 29 नवंबर को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रकरण को लेकर शाही ईदगाह पर संकल्प यात्रा की घोषणा की थी। इसके बाद मथुरा में 6 दिसंबर को देखते हुए श्री कृष्ण जन्मभूमि की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और सोशल मीडिया पर खुफिया तंत्र को नजर रखने की हिदायत दी है। अफवाह फैलाने वालों और माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। 6 दिसंबर को विवादित स्थल में जलाभिषेक के कार्यक्रम को प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। कार सेवा, पैदल मार्च और जलाभिषेक की किसी को अनुमति नहीं होगी।

Mathura Krishna Janmabhoomi: जानिए पूरा मामला

मथुरा को भगवान कृष्ण की जन्मभूमि माना जाता है। मंदिर स्थल औऱ औरंगजेब-युग की मस्जिद एक दूसरे से सटे हैं। मथुरा शहर में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद मौर्य के इस मुद्दे पर बार-बार दिए गए बयानों को राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

28 नवंबर को मथुरा जिला प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह चहल कह चुके हैं कि किसी को भी मथुरा में शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

Posted By: Arvind Dubey