बैंकों ने अब तक 1.5 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारकों को कुल 1.35 लाख करोड़ रुपये का रियायती कर्ज आवंटित किया है। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत सरकार ने केसीसी योजना के तहत 2.5 करोड़ किसानों को कोरोना संकट के दौरान उपजी वित्तीय जरूरतों के लिए दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज देने का लक्ष्य रखा था। एक आधिकारिक बयान में वित्त मंत्रालय ने कहा कि बैंकों और अन्य साझीदारों के सतत प्रयास के दम पर केसीसी के तहत 1.5 करोड़ किसानों को वित्तीय मदद देने का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार हुआ है। इनमें मत्स्यपालक और डेयरी उद्योग से जुड़े किसान भी शामिल हैं। बयान के मुताबिक इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी और कृषि व संबद्ध उत्पादों के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। इससे देशभर में खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य हासिल करना भी आसान होगा। गौरतलब है कि केसीसी धारक किसानों को ब्याज में दो प्रतिशत की छूट मिलती है। इसके साथ ही समय पर कर्ज अदायगी की स्थिति में उन्हें तीन ब्याज में तीन प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाती है। इस तरह उन्हें चार प्रतिशत सालाना की बेहद किफायती दर पर कर्ज मिल जाता है।

क्‍या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना भारतीय बैंकों द्वारा अगस्त 1998 में शुरू की गई एक क्रेडिट योजना है। यह मॉडल योजना राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) द्वारा तैयार की गई थी ताकि कृषि जरूरतों के लिए ऋण प्रदान किया जा सके। इसका उद्देश्य किसानों को वित्तीय सहायता देकर कृषि क्षेत्र की व्यापक ऋण आवश्यकताओं और मछली पालन और पशुपालन के लिए पूरा करना है। इस योजना में भाग लेने वाले संस्थानों में सभी वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और राज्य सहकारी बैंक शामिल हैं। योजना में फसलों, और सावधि ऋणों के लिए अल्पकालिक ऋण सीमा है। केसीसी क्रेडिट धारकों को मृत्यु और स्थायी विकलांगता के लिए insurance 50,000 तक की व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के तहत कवर किया जाता है, और अन्य जोखिम के लिए कवर किया जाता है। इसका प्रीमियम बैंक और उधारकर्ता दोनों द्वारा 2: 1 के अनुपात में वहन किया जाता है। इसकी वैधता अवधि पांच वर्ष है, जिसमें तीन और वर्षों तक विस्तार करने का विकल्प है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) दो प्रकारों में किसानों को ऋण की पेशकश करता है, 1. कैश क्रेडिट 2. सावधि ऋण (संबद्ध गतिविधियों के लिए जैसे पंप सेट, भूमि विकास, वृक्षारोपण, ड्रिप सिंचाई)।

Posted By: Navodit Saktawat

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस