किसान आंदोलन में फूट पड़ती दिख रही है। दरअसल, संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और हरियाणा के बड़े किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने हाल ही में राजनीतिक दलों के साथ बैठक की थी। दिल्ली में हुई इस बैठक में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत 11 अलग-अलग दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया था। आरोप है कि चढ़ूनी ने संयुक्त किसान मोर्चा के बड़े नेताओं से पूछे बिना ही इस बैठक में हिस्सा लिया था। आरोप है कि वे राजनीति दलों को किसान आंदोलन का हिस्सा बनाना चाहते हैं, जबकि शुरू से किसान इसके खिलाफ रहे हैं। इस बारे में जब चढ़ूनी की सफाई मांगी गई तो उन्होंने अपने ही संगठन के शिव कुमार कक्का पर गंभीर आरोप लगा दिए गए।

चढ़ूनी ने कहा कि शिव कुमार कक्का आरएसएस के एजेंटे हैं और वे नहींं चाहते कि कोई आगे निकले। चढ़ूनी ने यह भी कहा कि वे राजनेताओं को आंदोलन से दूर रखना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि घर बैठे नेता यदि अपनी तरह से सरकार पर दबाव बनाते हैं तो इसका फायदा आंदोलन को मिलेगा।

वहीं शिव कुमार कक्का का कहना है कि चढ़ूनी को सस्पेंड किया जा चुका है और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए कमेटी का गठन किया गया है। हरियाणा में बीते दिनों सीएम मनोहर लाल के कार्यक्रम में हुए हंगामे में भी चढ़ूनी के समर्थकों का हाथ था। तब भी मोर्चा की ओर से कहा गया था कि चढ़ूनी का तरीका गलत है।

(खबर अपडेट हो रही है...)

Posted By: Arvind Dubey

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