प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने हाल ही में घोषणा की कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) की भव्य प्रतिमा इंडिया गेट (India Gate) पर स्थापित की जाएगी। पीएम मोदी के नेताजी की प्रतिमा लगाने की घोषणा के साथ ही मूर्ति को तराशने का काम शुरू हो गया है। ये काम मिला है प्रसिद्ध ओडिया मूर्तिकार अद्वैत गडनायक (Adwaita Gadanayak) को, जो नई दिल्ली के राजघाट पर स्थापित दांडी मार्च की मूर्ति बनाने के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्होंने नेताजी बोस की 28 फीट ऊंची ग्रेनाइट प्रतिमा को तराशने का काम शुरु कर दिया है। इसका डिजाइन संस्कृति मंत्रालय ने तैयार किया है। मूर्ति के पूर्ण होने तक उसी स्थान पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा मौजूद रहेगी, जिसका अनावरण रविवार को प्रधानमंत्री ने किया।

इस मूर्ति को कैनोपी में रखा जाएगा और ये अमर जवान ज्योति की जगह लेगी। नेताजी की प्रतिमा 28 फीट ऊंची होगी, जिसे जेट ब्लैक ग्रेनाइट से बनाया जाएगा। एक न्यूज चैनल से बातचीत में अद्वैत गडनायक ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि पीएम मोदी ने मुझे यह कार्य सौंपा है। इतने सालों के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सही सम्मान मिलेगा। जिसके वे हकदार हैं। मुझे बहुत गर्व है कि मैं ओडिशा से हूं। जहां नेताजी का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा, 'हम तेलंगाना के खम्मम जिले से ग्रेनाइट पत्थर का ब्लॉक लाएंगे।'

बता दें ओडिशा के ढेंकनाल जिले के नेउलोपोई गांव में जन्में गडनायक ने भुवनेश्वर में बीके कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स से कला में ग्रेजुएशन किया। वहीं नई दिल्ली में आर्ट कॉलेज से मास्टर डिग्री पूरी की। वह वर्तमान में नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्टस, नई दिल्ली के निदेशक हैं। इससे पहले भुवनेश्वर के केआईआईटी विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ स्कल्पचर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। यूनिवर्सिटी परिसर में उन्होंने एक मूर्तिकार पार्क बनाया है।

Posted By: Shailendra Kumar