LIVE Hyderabad GHMC Elections results 2020: ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर भाजपा ने टीआरएस को स्पष्ट बहुमत हासिल करने से रोक दिया है। 2016 में महज चार सीटें हासिल करने वाली भाजपा ने इस बार 48 सीटों पर अपना परचम लहराया है। इससे सदन में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद टीआरएस खेमे में चिंता है। राज्य में सत्तारूढ़ टीआरएस को अब भाजपा से चुनौती मिलने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार से नाराज मतदाता अब एकजुट होकर भाजपा का समर्थन करने लगे हैं। इस बात का पहला संकेत तब मिला जब पिछले महीने हुए डुब्बक विधानसभा उप चुनाव में भाजपा ने 38 फीसद मत प्राप्त किया। अब ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में 30 फीसद से अधिक वोट हासिल कर भाजपा ने एक बार फिर दमदार प्रदर्शन किया है। टीआरएस को नगर निगम में मेयर का पद अपने पास बरकरार रखने के लिए अन्य दल के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। नगर क्षेत्र के लोकसभा सदस्य और विधायक ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के पदेन सदस्य होते हैं। इसके अलावा राज्यसभा सदस्य और विधान पार्षद, जो शहर के मतदाता हैं, प्रतिनिधियों को मनोनीत कर सकते हैं। इन प्रतिनिधियों को मेयर के चुनाव में मतदान का अधिकार होता है। सूत्रों ने बताया कि नगर निगम में शनिवार तक पदेन सदस्यों की संख्या 49 थी। हालांकि, इसकी स्पष्ट तस्वीर मेयर पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद ही सामने आएगी। कुछ विश्लेषकों के अनुसार, टीआरएस को 10 सदस्यों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है और इसके लिए वह एआइएमआइएम से हाथ मिला सकती है। टीआरएस के सामने मेयर का पद बरकरार रखने के लिए यह एक विकल्प है।

नगर निगम में यह है पार्टियों का संख्या बल

टीआरएस -- 55

भाजपा -- 48

एआइएमआइएम -- 44

कांग्रेस -- 02

इसलिए है यह सफलता BJP के लिए खास

भाजपा ने इस बार का चुनाव अकेले दम लड़ा था। 2016 के चुनाव में भाजपा को महज चार सीटें मिली थीं। उस साल इसने टीडीपी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की पार्टी ने 150 में से 99 सीटें जीतकर नगर निगम पर अपना परचम लहराया था। नगर निगम चुनाव में भाजपा का प्रभावशाली प्रदर्शन पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित होगा, क्योंकि पिछले महीने ही पार्टी ने डुब्बक विधानसभा सीट पर हुए उप चुनाव में जीत हासिल की थी।

एक नज़र :

58 सीटों पर जीत के साथ टीआरएस बनी सबसे बड़ी पार्टी

41 सीटें मिलीं ओवैसी की पार्टी को, पुराने हैदराबाद में लोकप्रियता बरकरार

74.67 लाख हैं कुल मतदाता

34.50 लाख मतदाताओं ने डाला वोट

46.55 फीसद हुआ मतदान

ऐसे बदला सारा घटनाक्रम

पहले खबर आई थी कि भाजपा के खाते में 88 सीट जाती दिख रही है और यही ट्रेंड रहा तो इतिहास में पहली बार हैदराबाद नगर निगम पर भाजपा का कब्जा होगा। यहां मुख्य मुकाबला AIMIM, BJP और TRS के बीच है। भाजपा की ओर से यहां अमित शाह, पार्टी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रचार किया था। यहां बीती 1दिसंबर को मतदान हुआ था, जिसमें 74.67 लाख मतदाताओं में से केवल 34.50 लाख (46.55 प्रतिशत) ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। कुल एक सौ पचास सीटों के लिए 1122 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे।

पिछले चुनावों में ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल पर टीआरएस का कब्जा था, जिसके पास 99 थी, वहीं AIMIM के पास 44, तो BJP के पास 4 सीट थी। कांग्रेस ने 2 तो एक सीट TDP ने जीती थी। बता दें, तेलंगाना में अभी टीआरएस की सरकार है। कहा जा रहा है कि यहां के नतीजे 2023 के विधानसभा चुनाव की दशा दिशा भी तय कर सकते हैं।

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मतगणना शुरू होने से पहले दावा: टीआरएस नेता के. कविथा का कहना है कि हम 100 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि बीजेपी के कई बड़े नेता चुनाव प्रचार के लिए आए और कई झूठे दावे किए, मुझे खुशी है कि हैदराबाद के लोगों को उन पर विश्वास नहीं हुआ।

(खबर अपडेट हो रही है)

Posted By: Arvind Dubey

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