UP Zila Panchayat Chunav 2021: उत्तरप्रदेश के 53 जिलों में शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान हुआ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 53 जिलों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान हुआ। 75 जिलों में से 22 जिला पंचायत अध्यक्षों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। 21 जिलों पर बीजेपी कब्जा करने में सफल रही है। पंचायत सदस्य चुनाव के दौरान सपा एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। भाजपा ने पीलीभीत और शाहजहांपुर में बड़ा खेल किया। सहारनुपर में बसपा उम्मीदवार ने नामांकन वापस ले लिया है। इधर सपा ने भाजपा पर उम्मीदवारों को प्रभावित करने के लिए मशीनरी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

पढ़िए LIVE अपडेट्स

- हमीरपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट से भाजपा की जंयती राजपूत जीती।

- प्रयागराज में अध्यक्ष पद पर बीजेपी की जीत हुई। भाजपा उम्मीदवार डॉक्टर वीके सिंह चुनाव जीत गए। उन्होंने सपा की मालती यादव को हराया।

- अलीगढ़ में बीजेपी प्रत्याशी विजय सिंह ने सपा की अर्चना सिंह को हराकर अध्यक्ष पद पर कब्या किया। विजय को 38 वोट और अर्चना को सिर्फ 8 मत मिले।

- एटा जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा यादव बनी। दो जिला पंचायत सदस्यों के वोट किसी कारण निरस्त हो गए।

- मुजफ्फरनगर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा उम्मीदवार डॉ. वीरपाल निर्वाल जीते।

- अयोध्या में भाजपा प्रत्याशी रोली सिंह को 30 वोट और सपा उम्मीदवार को सिर्फ 10 मत मिले।

यूपी जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं बसपा: 53 सीटों पर कड़ा मुकाबला है। हाल ही में बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कोई प्रत्याशी नहीं उतारगेगी। ऐसे में बीजेपी और सपा ने बहुजन समाज पार्टी के विजयी उम्मीदवारों को अपने पाले में लाने का काम शुरू कर दिया। साथ ही दोनों पार्टियां निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देने में लगी हुई हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर पुलिस के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सपा के कई प्रत्याशियों को नामांकन पत्र तक नहीं भरने दिया। पार्टी प्रवक्ता जूही सिंह ने कहा कि बीजेपी अपनी शक्ति का इस्तेमाल उनके पक्ष में वोट करने के लिए मजबूर और धमकाने के लिए कर रही है। भाजपा ने प्रदेश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर कब्जा कर लिया है, लेकिन समाजवादी पार्टी मजबूती से लड़ेगी और आगे बढ़ेगी। इधर बीजेपी ने आरोपों को खारिज किया है। कहा कि भाजपा ने योग्यता के आधार पर जीत हासिल की है। कार्यकर्ताओं के समर्थन अधिक से अधिक सीटें जीतने की संभावना है।

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भाजपा का पलड़ा भारी: राजनीतिक विश्लेषक रतनमणि लाल ने कहा कि आमतौर पर ऐसे चुनावों में सत्ताधारी दल को विपक्ष पर बढ़त मिलती है। उन्होंने कहा, 'हालांकि इसका जमीनी स्तर पर ज्यादा असर नहीं है, लेकिन यह प्रमुख स्थानीय नेताओं के साथ जिला स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में मदद करता है।' राज्य की 22 सीटों पर निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाने के बाद बीजेपी का दबदबा बनता दिख रहा है। बाकी 53 सीटों पर 3 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोटिंग होगी। वोटों की गिनती आज ही होगी।

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Posted By: Arvind Dubey