Lockdown in 2022: देश में कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में केस घटे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश, हरियाणा, केरल, राजस्थान, यूपी, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक उन राज्यों में शामिल हैं जहां अभी तीसरी लहर चरम पर नहीं पहुंची है। यही कारण है कि पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से जहां अघोषित लॉकडाउन में कमी के संकेत दिए जा रहे हैं, वहीं हरियाणा और केरल जैसे कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां सख्ती बढ़ा दी गई है। वहीं मध्य प्रदेश (Lockdown in Madhya Pradesh 2022) में लगातार केस बढ़ रहे हैं। इंदौर (Lockdown in Indore 2022) में एक दिन में नए मरीज आने का आंकड़ा 2000 पार कर गया है। माना जा रहा है कि यहां केस नहीं रुके तो प्रशासन को पाबंदियां लगाना पड़ सकती हैं।

Lockdown Again in 2022: केरल में रिकॉर्ड केस, हर रविवार रहेगा लॉकडाउन

केरल में 20 जनवरी, गुरुवार को एक दिन में सबसे ज्यादा कोरोना केस सामने आए। पिछले 24 घंटों में 50,000 के करीब नए मामले सामने आने के बाद सख्ती बढ़ा दी गई है दैनिक परीक्षण सकारात्मकता दर 40 प्रतिशत को पार कर गई। तिरुवनंतपुरम ने सबसे अधिक 9,720 मामले दर्ज किए। उसके बाद एर्नाकुलम, कोझीकोड, त्रिशूर, कोट्टायम और कोल्लम में क्रमशः 3,002, 4,016, 3,627 और 3,091 नए मामले सामने आए। अब तक, राज्य में 1,99,041 सक्रिय मामले हैं। इनमें से केवल 3 प्रतिशत अस्पताल में भर्ती हैं।

बेकाबू होते कोरोना केस के बीच केरल सरकार ने और प्रतिबंधों की घोषणा की है। अगले दो रविवार (23 और 30 जनवरी) को सम्पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। यात्रा प्रतिबंध होंगे और केवल आवश्यक सेवाओं को ही कार्य करने की अनुमति होगी।

Lockdown Again in 2022: हरियाणा ने लॉकडाउन जैसी पाबंदियां 28 जनवरी तक बढ़ाईं

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा सरकार ने मंगलवार रात राज्य में लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों को 28 जनवरी तक बढ़ा दिया। हालांकि, राज्य सरकार ने जिम और स्पा को 50 प्रतिशत क्षमता पर संचालित करने की अनुमति दी, जबकि शराब की दुकानें अब रात 10 बजे तक खुल सकती हैं। हरियाणा सरकार ने 5 जनवरी को अधिक पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों में विभिन्न प्रतिबंध लगाए थे। बाद में ये ही प्रतिबंध सभी जिलों में लगा दिए गए थे। इससे पहले करनाल, पानीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, पंचकूला और सोनीपत समेत 11 जिलों में ये प्रतिबंध लगाए गए थे। बाद में, इन प्रतिबंधों को राज्य के सभी 22 जिलों तक बढ़ा दिया गया।

कर्नाटक में केस बढ़े, लेकिन अभी लॉकडाउन नहीं

कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर अशोक ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड -19 मामलों में वृद्धि के बावजूद लॉकडाउन लागू नहीं करने का फैसला किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में एक कोविड समीक्षा बैठक में भाग लेने के बाद अशोक ने कहा, विशेषज्ञों ने दिल्ली और महाराष्ट्र के रुझानों की तुलना की है, जहां हाल के दिनों में मामलों की संख्या में गिरावट आई है। उनकी गणना के अनुसार, कर्नाटक में जनवरी के अंतिम सप्ताह में मामले चरम पर हो सकते हैं। मामलों में कमी आने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि वीकेंड कर्फ्यू और रात के कर्फ्यू पर फैसला लेने के लिए सरकार शुक्रवार को एक और बैठक करेगी।

इन नियमों का किया पालन तो नहीं लगेगा लॉकडाउन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के भारत प्रमुख रोडेरिको एच ओफरीन ने मंगलवार को सुझाव दिया कि अगर सरकार के साथ-साथ लोग कोरोना नियमों का पालन करते हैं तो तो लॉकडाउन नहीं होगा। ओफरीन ने कहा, मौजूदा परिदृश्य में, मौजूदा नियम और कानून प्रभावी बने हुए हैं। टीकाकरण तेजी से हो रहा है। लोगों को मास्क का उपयोग करना है। हाथ की स्वच्छता बनाए रखना है। शारीरिक दूरी बनाए रखना है। इनडोर स्थानों का वेंटिलेशन और भीड़ से बचने के उपाय करने हैं। यदि इनका पालन किया जाता है, तो वहां लॉकडाउन की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

Posted By: Arvind Dubey