नई दिल्ली। देश में मातृ एवं शिशु मृत्यू दर को लेकर सरकार लगातार कोशिश कर रही है बावजूद इसके अब भी कई राज्यों में स्थिति में बहुत ज्यादा सुधार नहीं आया है। इस बीच शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी को गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के मद्देनजर डाइट चार्ज तैयार करने के लिए कहा है। बिरला ने तैयार किए गए डाइट चार्ज को सभी मेंबर्स को उपलब्ध कराने का भी कहा, जिससे वह अपने लोकसभा क्षेत्र में इसका वितरण करवा सकें। प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा स्पीकर ने कहा कि ' देश से कुपोषण को मिटाने के लिए हम सभी को सामूहिक प्रयास करना होंगे। अगर हम देश से कुपोषण को मिटाने के लिए बड़ा मूवमेंट खड़ा कर सकते हैं तो मैं उम्मीद करता हूं कि इस लोकसभा के आखिरी सेशन तक हम इस समस्या का खात्मा कर देंगे।'

इस दौरान लोकसभा स्पीकर ने यह भी उम्मीद जताई की सभी सांसद अपने लोकसभा क्षेत्रों में जाकर इस बड़ी समस्या के प्रति लोगों को जागरुक करेंगे और Mass Awareness फैलाएंगे। बिरला ने आगे कहा कि ' मंत्रियों को भी अपने इलाके के हिसाब से गर्भवती महिलाओं के लिए डाइट चार्ज तैयार करना चाहिए और इसे सांसदों को भेजना चाहिए। जिससे कुषोषण से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों को बल मिल सके।'

इस बीच एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि खाने की गुणवत्ता उसकी मात्रा से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। ईरानी ने कहा कि 'यह एक भ्रांति है कि कुपोषण सिर्फ गरीब परिवारों और ट्राइबल इलाकों तक ही सीमित है। यह पूरे भारत की स्थिति है।' स्मृति ईरानी ने साथ ही नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला दिया और कहा कि देश में सिर्फ 9 फीसदी जनता ही सही प्रकार का पोषण आहार ले पा रही है।

Posted By: Neeraj Vyas