नई दिल्ली। फार्मास्युटिकल की दिग्गज कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रवर्तक मालविंदर सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें दिल्ली पुलिस ने 740 करोड़ रुपए के धोखा-धड़ी के मामले में दिल्ली पुलिस ने पहले से ही हिरासत में ले रखा था, जो कि उनके भाई शिवेंदर सिंह ने पिछले साल दर्ज कराया था। तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने मालविंदर सिंह को केंद्रीय एजेंसी के हवाले कर दिया।

प्रवर्तन निदेशालय ने मालविंदर सिंह और शिविंदर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच शुरू की थी। दोनों ही रैनबैक्सी के पूर्व-प्रवर्तक थे और पिछले साल दिसंबर में रेलिगेयर फिनवेस्ट द्वारा दायर धोखाधड़ी मामले के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी जांच शुरू की थी। दोनों भाइयों पर धोखाधड़ी और धन की हेराफेरी का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद उन्हें पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। दोनों भाइयों को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरास में भेजा था।

इस सप्ताह की शुरुआत में शिविंदर सिंह, मालविंदर सिंह और तीन अन्य को धोखाधड़ी मामले में चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। रेलिगेयर के एक्स-टॉप एक्जीक्यूटिव सुनील गोधवानी को भी प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है। वह भी दिल्ली पुलिस की हिरासत में थे।

ईडी के वकील ने कोर्ट से आरोपियों के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी करने का आग्रह किया था। अदालत ने निर्देश के बाद मालविंदर सिंह और सुनील गोधवानी को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। फोर्टिस हेल्थकेय के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह और गोधवानी पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत धनराशि जमा करने का आरोप है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai