नई दिल्ली Monsoon Session Updates। किसान मुद्दे और पेगासस जासूसी मामले में आज बुधवार को भी संसद में दोनों सदनों में विपक्ष हंगामा कर रहा है। पेगासस जासूसी प्रकरण की जांच कराए जाने की मांग को लेकर विपक्ष ने अब तक सदन कार्यवाही नहीं चलने दी है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले आज साफ कहा कि हम चाहते हैं कि सदन चले और वहां पेगासस मामले पर चर्चा हो। पेगासस मामले की जांच कई देशों में हो रही हैं तो भाजपा इसकी जांच अपने देश में क्यों नहीं कर रही है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को इसकी जांच करवानी चाहिए। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राज्यसभा और लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और खेला होवे नारे लगाने लगे। इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया से चर्चा करते हुए पेगासस मामले में सरकार पर कई सवाल दागे। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में इस मामले में बहस से बच रही है। यह राजद्रोह का मामला है। वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि उनके फोन में पेगासस नाम का हथियार डाल दिया गया है। अगर हथियार डाल दिया गया तो इतने दिन तक राहुल गांधी चुप क्यों बैठे रहे? इसपर उन्होंने FIR दर्ज़ की क्या? कोई हथियार नहीं है। जो चीज़ नहीं है उसका हथियार बनाकर इन्हें संसद को रोकना है।

वहीं भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस से अपना घर संभल नहीं रहा। आज भी अधिकांश विपक्ष के लोग चाहते हैं कि संसद चले, वाद-विवाद और चर्चा होनी चाहिए। लेकिन कांग्रेस अपने नकारात्मक फैसलों को विपक्ष पर थोपकर विपक्ष की अन्य पार्टियों की सकारात्मक सोच को भी बंधक बनाना चाहती है। गौरतलब है कि विपक्ष तीन कृषि कानूनों और महंगाई के मुद्दों पर भी लगातार आंदोलन कर रहा है। 19 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में अब तक एक भी दिन संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चली है।

विपक्ष दलों की बैठक करेंगे मल्लिकार्जुन खडगे

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों सदनों में कार्रवाई पर रणनीति तैयार करने के लिए विपक्षी दलों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे। वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व वाले सूचना प्रौद्योगिकी संसदीय पैनल ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और गृह मंत्रालय के अधिकारियों को कथित पेगासस जासूसी मुद्दे पर आज संसद में पेश होने के लिए तलब किया है। साथ ही कांग्रेस सांसद रिपुन बोरा ने नियम 267 के तहत व्यावसायिक नोटिस को निलंबित कर दिया, इसे अलावा असम-मिजोरम सीमा संघर्ष पर चर्चा की भी मांग की।

विपक्ष की बैठक में ये नेता होंगे शामिल

विपक्षी दलों की बैठक में कांग्रेस के राहुल गांधी और अधीर रंजन चौधरी, द्रमुक के टीआर बालू और कनीमोरी, राकांपा की सुप्रिया सुले, शिवसेना के अरविंद सावंत और नेशनल कांफ्रेंस के हसनैन मसूदी ने हिस्सा लेंगे। इसके अलावा बसपा, केरल कांग्रेस, माकपा, आरएसपी और आइयूएमएल के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया। इस बीच, सात विपक्षी पार्टियों- राकांपा, बसपा, आरएलपी, अकाली दल, नेशनल कांफ्रेंस, भाकपा और माकपा के नेताओं ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वे संसद में किसानों के मामले और पेगासस फोन टैपिंग पर चर्चा कराने को लेकर दखल दें।

चिदंबरम बोले, फ्रांस में भी पेगासस मुद्दे पर जताई चिंता

इजरायल के रक्षा मंत्री बेन्नी गैंट्ज पेरिस में अपने फ्रांसीसी समकक्ष के साथ मिलकर पेगासस मामले पर चर्चा करने वाले हैं। इन खबरों के बीच कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि इजरायल, फ्रांस समेत कई देश इस मुद्दे पर चिंता जता चुके हैं। ऐसे में भारत को भी इस मामले पर चिंता जताते हुए संसद में चर्चा करानी चाहिए।

Posted By: Sandeep Chourey