Weather Alert: मानसून ने असर दिखाना शुरू कर दिया है और देश के विभिन्न राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक दी है। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हैरान करने वाली रिपोर्ट जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मई में लू नहीं चली। साथ ही मई में सर्वाधिक बारिश के मामले में यह साल दूसरे नंबर पर है। यानी 121 साल में यह दूसरा मौका है जब मई में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। भारत में इस बार मई में औसत अधिकतम तापमान 34.18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 1901 के बाद चौथा सबसे कम तापमान था।

मुंबई आज भी पानी-पानी

मानसून ने महाराष्ट्र में दस्तक दे दी है और मायानगरी मुंबई में भारी बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को भी सुबह से भारी बारिश हो रही है जिसके कारण कई इलाके डूब गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, शुक्रवार को दिनभर भारी बारिश हो सकती है। रेड अलर्ट जारी किया जा चुका है। इससे पहले गुरुवार को मुंबई के उपनगर मलाड (पश्चिम) में चार मंजिला इमारत गिर जाने से 12 लोगों की मौत हो गई एवं सात लोग घायल हुए हैं। मरनेवालों में आठ बच्चे हैं। एक अन्य घटना में गुरुवार शाम दहिसर इलाके में एक मकान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

बुधवार को मुंबई में दिन भर चली तेज बरसात के कारण रात करीब 12 बजे मलाड (पश्चिम) के मालवणी क्षेत्र में न्यू कलेक्टर्स कंपाउंड स्थित चार मंजिला इमारत ढह गई। यह इमारत अपने बगल की दो मंजिला इमारत पर गिरी। इस हादसे में 11 लोग मारे गए जिनमें आठ बच्चे हैं। मरनेवालों में एक ही परिवार के नौ लोग शामिल हैं। इस परिवार के रफीक शेख ही बच पाए जो इमारत गिरने के कुछ मिनट पहले किसी काम से बाहर निकले थे।

मुंबई पुलिस के क्षेत्रीय उपायुक्त विशाल ठाकुर के अनुसार रात भर चले बचाव कार्य में करीब 15 लोगों को बचाकर निकट के अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें एक की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। मलबे में दबे सभी लोगों की पहचान कर ली गई है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री असलम शेख के अनुसार बचाव दल अभी भी मलबे को हटाकर यह देखने की कोशिश कर रहा है कि कुछ और लोग तो मलबे में नहीं दबे हैं। पास की एक और चार मंजिला जर्जर इमारत को भी एहतियातन खाली करा लिया गया है। इस बार मानसून की शुरुआत होने के बाद कोई इमारत गिरने का यह पहला हादसा है। बरसात के दौरान मुंबई एवं ठाणे में ऐसी कई जर्जर इमारतें गिरने की घटनाएं सामने आती हैं।

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Posted By: Arvind Dubey

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