नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े समेत अन्य अधिकारों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए की एजेंसी की पांच सदस्यीय टीम बुधवार को दिल्ली से मुंबई जाएगी। यह आरोप प्रभाकर सैल द्वारा लगाया गया है, जो इस मामले में गवाह है। उसने दावा किया है कि ड्रग्स केस में आरोपी बालीवुड के अभिनेता शाह रुख खान के बेटे आर्यन खान को छोड़ने के लिए वानखेड़े और कुछ अधिकारियों ने 25 करोड़ रुपये की मांग की थी।

एनसीबी का कहना है कि महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक द्वारा केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार एनसीबी के महानिदेशक को भेजे गए गुमनाम पत्र (एनसीबी मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के खिलाफ आरोप युक्त) पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी।

आर्यन खान ड्रग्स मामले में गवाह प्रभाकर सैल ने बीते दिनों एक हलफनामा तैयार करके एनसीबी पर आरोप लगाते हुए उसने कहा कि उससे 10 सादे कागजों पर दस्तखत करवाए गए। यही नहीं उसने इसी मामले के एक अन्य गवाह द्वारा समीर वानखेड़े को आठ करोड़ रुपये देने की बात करते हुए सुनने का हवाला भी दिया। रविवार को सामने आए हलफनामें के एनसीबी के सतर्कता विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

वानखेड़े ने इन आरोपों से इन्कार किया है। साथ ही वह आज दिल्ली स्थित एनसीबी के दफ्तर पहुंचे थे। उन्होंने यहां करीब दो घंटे गुजारे। दिल्ली पहुंचने के बाद सोमवार को उन्होंने कहा था कि उन्हें समन नहीं किया गया है। वे किसी और काम से यहां आए हैं। वे मामले की निष्पक्षता से जांच कर रहे हैं। उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है।

Posted By: Navodit Saktawat