Nirbhaya case : निर्भया केस (Nirbhaya Case) में दोषियों की फांसी की सजा देने की कार्रवाई तेजी होती नजर आ रही है। हाल ही में चौथे आरोपी विनय शर्मा को मंडावली जेल से तिहाड़ शिफ्ट (Tihar Jail) कर दिया गया। यानी अब दरिंदगी करने वाले चारों आरोपी तिहाड़ में हैं। यह खबर भी आई कि तिहाड़ प्रशासन (Tihar Administration) ने बिहार की बक्सर जेल से फांसी के फंदे बुलवा लिए हैं। ताजा सूचना यह है कि फांसी देने के लिए जल्लाद की तलाश शुरू हो गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेरठ के जल्लाद पवन कुमार को तिहाड़ प्रशासन की ओर से फोन पर सम्पर्क साधा गया है।

पवन कुमार यूपी के एक मात्र आधिकारिक जल्लाद हैं और अभी मेरठ जेल में सेवाएं दे रहे हैं। यहां उन्हें 3000 रुपए मासिक वेतन मिलता है। कुछ दिन पहले भी खबर आई थी कि निर्भया के दोषियों को फांसी के फंदे पर टांगने के लिए बुलावा नहीं आया है, लेकिन पवन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

इस बीच, निर्भया मामले में फांसी की सजा पाए दोषी अभी कानूनी विकल्पों की तलाश में जुट गए हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक इस मामले में चारों दोषी टेलीविजन पर खुद से जुड़ी तमाम खबरों पर नजर बनाए हुए हैं। हैदराबाद सामूहिक दुष्कर्म मामले के बाद देश भर में दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग से जुड़ी खबरें देखकर ये चारों काफी सहमे हुए हैं। हालांकि इनके माथे पर चिता की लकीरें तभी उभरनी शुरू हो गई थी, जब जेल प्रशासन की तरफ से दोषियों को दया याचिका दायर करने के लिए सात दिनों का समय दिया गया था। जेल प्रशासन चारों दोषियों पर नजर बनाए हुए है।

जेल सूत्रों का कहना है कि पवन को मंडोली जेल से यहां शिफ्ट करने के बाद अक्षय व मुकेश को यह बात अटपटी लगी। उन्होंने सोचा आखिर पवन को यहां क्यों लाया गया। तब जेल में यह अफवाह फैल गई कि चारों को जल्द ही फांसी होनी वाली है, इसके बाद सभी दोषी घबरा गए। अभी अक्षय, मुकेश व पवन जेल नंबर-दो में अलग-अलग जगहों पर रखा गया हैं। तीनों की मुलाकात नहीं होती है। इन तीनों को इनके हमउम्र कैदियों के साथ रखा गया है। जेल प्रशासन की ओर से सभी पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। इसके अलावा जेल प्रशासन उनके साथ रह रहे दो अन्य कैदियों से भी इनके बारे में पूरी जानकारी ले रहा है। अभी इन्हें किसी अन्य कैदी से मिलने नहीं दिया जा रहा।

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