Nirbhaya case : निर्भया केस (Nirbhaya case) में लगातार हलचल तेज हो रही है। इस मामले के एक दोषी अक्षय सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 17 दिसंबर की दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी। अक्षय ने फांसी की सजा देने के खिलाफ याचिका लगाई है। उसकी दलील है कि जब देश में प्रदूषण से लोग मर रहे हैं तो उसे फांसी क्यों दी जा रही है? इससे पहले तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में कैद चारों दोषियों को शुक्रवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह पेशी हुई। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के अगले दिन पटियाल हाउस कोर्ट एक बार फिर सुनवाई करेगी।

पटियाला हाउस कोर्ट में यह साफ करना चाहती है कि दोषियों के पास जो विकल्प शेष हैं, उनका उपयोग वे कब करेंगे? करना चाहते हैं भी या नहीं? दरअसल, चार में से तीन आरोपियों ने दया याचिका दायर नहीं की है। उनके वकील लगातार इस मामले को टाल रहे हैं। 28 नवंबर को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि अब वह इस बारे में सीधा दोषियों से बात करेगी।

दरअसल, कोर्ट चाहता है कि एक नागरिक के रूप में दोषियों को प्राप्त सभी अधिकार इस्तेमाल कर लिए जाएं या दोषी यह ऐलान कर दें कि वे उनका इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं। नियमानुसार, दोषियों के पास क्यूरेटिव पीटिशन दायर करने का अधिकार है। इसके बाद तीन दोषी दया याचिका दायर कर सकते हैं। दया याचिका खारिज होने के बाद ही फांसी की सजा देने का रास्ता साफ हो पाएगा।

अभी चार में एक आरोपी की याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है। इस बीच, तिहाड़ जेल में फांसी की सजा देने की तैयारियों तेज हो गई हैं। जल्लाद के लिए यूपी पुलिस की मदद मांगी गई है। खबर यह भी है कि चारों दोषियों को एक साथ फांसी देने के लिए एक चबूतरा भी बनाया जा रहा है। बिहार की बक्सर जेल से फांसी के फंदे बुलाए गए हैं।

Posted By: Arvind Dubey

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