1 जून से देश में राशन कार्ड की व्‍यवस्‍था बदल जाएगी। पूरे देश के 20 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' One Nation One Ration Card Scheme की व्यवस्था लागू होने जा रही है। बीते दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के तहत इस योजना का जिक्र किया था। योजना के अनुसार आगामी मार्च, 2021 तक देश के सभी राज्यों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। 81 करोड़ जनता को रियायती दरों पर अनाज उपलब्ध कराने वाली योजना पीडीएस (जन वितरण प्रणाली) 1 जून को नए आयाम छुएगी।

इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा One Nation One Ration Card Scheme वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम को इसी साल चिन्हित राज्यों में लॉन्‍च किया जाना है। पीडीएस की 83% आबादी वाले 23 राज्यों में 67 करोड़ लाभार्थियों को अगस्त 2020 तक राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी द्वारा इस योजना के दायरे में कवर किया जाएगा।इसके लागू होने के बाद सीधे तौर पर इसका फायदा देश के करोड़ोंं लोगों को मिलेगा। एक बार राशनकार्ड बनवाने के बाद देश के किसी भी इलाके में उस कार्ड की मदद से अनाज लिया जा सकेगा। विस्थापन के चलते क्षेत्र छोड़ने वाले लोगों को सस्ते राशन के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट (National Food Security Act) के तहत इस योजना के अंतर्गत आने वाले लोग देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान (Fair Price Shop) से एक ही राशन कार्ड की मदद से अनाज ले सकेंगे। योजना से इस साल 1 जनवरी को 12 राज्य जुड़ गए थे वहीं 5 और राज्यों के जुड़ने के बाद राज्यों की संख्या 17 हो गई है। ये सारे राज्य पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) मैनेजमेंट से जुड़े हैं।

12 राज्यों की दुकानों से गेहूं ले सकेंगे योजना के लाभार्थी

केन्द्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की एक राष्ट्र एक राशनकार्ड परियोजना के तहत राजस्थान को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड एवं त्रिपुरा के साथ जोड़ दिया गया है। इस येाजना के तहत राजस्थान अब तक सिर्फ हरियाणा से जुडा हुआ था।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार आगामी दिनों में नेशनल पोर्टेबिलिटी भी लागू की जाएगी जिसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का कोई भी लाभार्थी देश के किसी भी राज्य की राशन की दुकान से गेहूं प्राप्त कर सकता है। नेशनल पोर्टेबिलिटी लागू करने से पहले इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत देश के 12 राज्यों को जोड़ा गया है। राजस्थान राज्य के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड एवं त्रिपुरा राज्य में जाते हैंं, वे लाभार्थी इन राज्यों में स्थित राशन की दुकान से गेहूं प्राप्त कर सकते हैंं। इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू होने से लाभार्थियों को एक-दूसरे राज्य से राशन प्राप्त करने के लिए अलग से राशन कार्ड बनवाने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी।

Electronic Point Sale डिवाइस वाली दुकानोंं से ही

सरकार की वन नेशन वन राशन कार्ड योजना शुरुआत में जिन 12 राज्यों में शुरू होने जा रही है उसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, केरल, कर्नाटक गोवा, मध्यप्रदेश, त्रिपुरा और झारखंड शामिल हैं। हितग्राहियों को ePoS (Electronic Point Sale) डिवाइस पर बायोमेट्रिक आधार के अथेंटिकेशन के बाद इसका लाभ मिल जाएगा। शुरुआत में यह सिर्फ उन दुकानों से ही राशन लेने की सुविधा मिलेगी जिन लोगों के पास Electronic Point Sale डिवाइस की सुविधा है।

Posted By: Navodit Saktawat

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