Online Class : ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ी इन समस्याओं को दूर करने की योजना पर सरकार अब मजबूती से काम कर रही है। ताकि कोरोना जैसी किसी नई चुनौती के आने पर उसका डटकर मुकाबला कर सके। राज्यों से इसे लेकर विस्तृत प्रस्ताव मांगे गए हैं, जिससे ऑनलाइन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती दी जा सके। इसके साथ ही शिक्षकों के प्रशिक्षण की भी पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। स्कूलों में इस मुहिम को तेज करने की योजना इसलिए भी बनाई गई है, क्योंकि मौजूदा समय में देश के ज्यादातर स्कूलों के पास ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर कोई इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं है। शिक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन पढ़ाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही तीस फीसद पाठ्यक्रम ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर जुटाया जाएगा। इनमें बिजली, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सुविधाएं अहम होंगी। शैक्षणिक संस्थानों में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। खासकर स्कूलों में इससे जुड़ी मुहिम को और तेज किया जाएगा। यूनिफाइड डिस्ट्रिक इन इनफारमेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के सिर्फ डेढ़ लाख सरकारी स्कूलों के पास ही इंटरनेट की सुविधा है। वहीं कम्प्यूटर सिर्फ तीन लाख स्कूलों के पास है।

देश के करीब ढाई लाख सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां अब तक बिजली नहीं है। कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई भले ही एक विकल्प के रूप में शुरू की गई, लेकिन सरकार अब इसे एक नया आधार देगी। देश में वैसे तो मौजूदा समय में पंद्रह लाख से ज्यादा स्कूल हैं, जिनमें दस लाख से ज्यादा सरकारी स्कूल हैं। खास बात यह है कि निजी स्कूलों की स्थिति भी इस मामले में बहुत अच्छी नहीं है।

Posted By: Navodit Saktawat

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