कृषि बिल का विरोध कर रहे विपक्षी दलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक बार फिर निशाना साधा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमामि गंगे प्रोजेक्‍टके तहत उत्‍तराखंड में बने आठ सीवर ट्रीटमेंट प्‍लांट (एसटीपी) का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस मौके पर पीएम ने कहा कि विपक्ष किसानों का अपमान कर रहा है। एमएसपी भी रहेगी और किसानों को आजादी भी रहेगी, कुछ लोग यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। इनकी काली कमाई का एक और जरिया बंद हो गया है। इन लोगों ने गरीब के जनधन खाते खुलने का भी विरोध किया था। जीएसटी का भी विरोध किया। जबकिं जीएसटी की वजह से घरेलू सामान पर टैक्स या तो नहीं है या पांच प्रतिशत से भी कम है। इन लोगों को जीएसटी से भी परेशानी है। ये लोग न देश के साथ हैं, न जवान और न किसान के साथ।

पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें

देश की किसानों, श्रमिकों और देश के स्वास्थ्य से जुड़े बड़े सुधार किए गए हैं। इन सुधारों से देश का श्रमिक सशक्त होगा, देश का नौजवान सशक्त होगा, देश की महिलाएं सशक्त होंगी, देश का किसान सशक्त होगा। लेकिन आज देश देख रहा है कि कैसे कुछ लोग सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं।

आज जब केंद्र सरकार, किसानों को उनके अधिकार दे रही है, तो भी ये लोग विरोध पर उतर आए। ये लोग चाहते हैं कि देश का किसान खुले बाजार में अपनी उपज नहीं बेच पाए। जिन सामानों की, उपकरणों की किसान पूजा करता है, उन्हें आग लगाकर ये लोग अब किसानों को अपमानित कर रहे हैं।

इस कालखंड में देश ने देखा है कि कैसे डिजिटल भारत अभियान ने, जनधन बैंक खातों ने लोगों की कितनी मदद की है। जब यही काम हमारी सरकार ने शुरू किए थे, तो ये लोग इनका विरोध कर रहे थे। देश के गरीब का बैंक खाता खुल जाए, वो भी डिजिटल लेन-देन करे, इसका इन लोगों ने हमेशा विरोध किया।

वर्षों तक ये लोग कहते रहें कि MSP लागू करेंगे, लेकिन किया नहीं। MSP लागू करने का काम स्वामीनाथन कमीशन की इच्छा के अनुसार हमारी ही सरकार ने किया। आज ये लोग एमएसपी पर भी भ्रम फैला रहे हैं। देश में एमएसपी भी रहेगी और किसान को देश में कहीं भी फसल बेचने की आजादी भी रहेगी। लेकिन ये आजादी कुछ लोग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।

4 वर्ष पहले का यही तो वो समय था, जब देश के जांबांजों ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए आतंक के अड्डों को तबाह कर दिया था। लेकिन ये लोग अपने जांबाजों से ही सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे थे। सर्जिकल स्ट्राइक का भी विरोध करके, ये लोग देश के सामने अपनी मंशा साफ कर चुके हैं। ये लोग न किसान के साथ हैं, न नौजवानों के साथ और न वीर जवानों के साथ।

हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का लाभ सैनिकों को दिया तो उन्होंने इसका भी विरोध किया। भारत की पहल पर जब पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही थी, तो ये भारत में ही बैठे ये लोग उसका विरोध कर रहे थे। जब सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा का अनावरण हो रहा था, तब भी ये लोग इसका विरोध कर रहे थे।आज तक इनका कोई बड़ा नेता स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नहीं गया है।

पिछले महीने ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। ये लोग पहले सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर का विरोध कर रहे थे फिर भूमिपूजन का विरोध करने लगे। हर बदलती हुई तारीख के साथ विरोध के लिए विरोध करने वाले ये लोग अप्रासंगिक होते जा रहे हैं। वायुसेना कहती रही कि हमें आधुनिक लड़ाकू विमान चाहिए, लेकिन ये लोग उनकी बात को अनसुना करते रहे। हमारी सरकार ने सीधे फ्रांस सरकार से सीधे राफेल लड़ाकू विमान का समझौता कर लिया तो, इन्हें फिर दिक्कत हुई।

Posted By: Arvind Dubey

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