Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में किसान आंदोलन, महंगाई और मुख्य तौर पर पेगासस जासूसी मुद्दे पर गतिरोध अभी भी बरकरार है। लोकसभा और राज्य सभाा में विपक्षी सांसदों ने पेगासस जासूसी मामले में काफी हंगामा करने पर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। राज्यसभा में विपक्ष ने जोर-शोर से किसानों का मुद्दा उठाया। साथ ही पेगासस जासूसी कांड पर भी मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्षी सांसद 'किसान विरोधी मोदी सरकार' मुर्दाबाद के नारे लगाए। विपक्षी सांसद काला कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं और साथ ही 'हिटलरशाही' नहीं चलेगी के नारे भी सदन में लगाए नजर आए।

मल्लिकार्जुन खडगे का आरोप, सरकार नहीं चाहती चर्चा

कांग्रेस सांसद और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्र नहीं चलने के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है। खड़गे ने कहा कि अगर पेगासस पर चर्चा हो गई तो सरकार की हकीकत सामने आ जाएगी, इसीलिए केंद्र सरकार ही नहीं चाहती है कि इस मसले पर चर्चा हो। वहीं राज्यसभा में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कृषि कानूनों का मसला उठाया और आज भी इस मसले पर नोटिस दिया गया है। सीपीएम सांसद ई. करीम ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया है और पेगासस प्रोजेक्ट पर चर्चा करने की मांग की।

अधीर रंजन चौधरी बोले, हमारा क्या कसूर, हम बहस चाहते हैं

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि कांग्रेस पेगासस जासूस कांड पर सदन में बहस करना चाहती है। इसमें हमारा कोई कसूर नहीं है। पेगासस मामले में चर्चा देशहित में नहीं बल्कि पूरी दुनिया के हित है। इसके अलावा कांग्रेस महंगाई, किसानों के मुद्दे पर भी सदन में बहस चाहती है। पेगासस का मुद्दा केवल भारत से ही संबंधित नहीं है बल्कि इजरायल, फ्रांस और हंगरी से भी संबंधित है।

अभी तक 8 विधेयक हो चुके हैं पास

संसद में सरकार और विपक्ष के हंगामे के बीच अभी तक 8 विधेयकों को बिना चर्चा के पारित किया जा चुका है। 5 विधेयक लोकसभा में और 3 राज्‍य सभा में पास हुए हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दिल्‍ली आने के बाद से ही सदन में सरकार और विपक्ष के बीच धमासान में तेजी आई है। विपक्ष लगातार अपनी रणनीति बदल रहा है और सरकार के प्रति आक्रामक हो रहा है।

Posted By: Sandeep Chourey