Parliament Winter Session 2019: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र में नागरिकता (संशोधन) विधेयक, आर्थिक सुस्ती और कश्मीर जैसे मसलों पर हंगामे के आसार हैं। 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में कुल 47 बिल तथा प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में रखे जाने हैं। सरोगेसी (रेगुलेशन) बिल, ई-सिगरेट पर प्रतिबंध के लिए विधेयक समेत कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट पर भी सरकार बिल ला सकती है।

संसद में शिवसेना सदस्यों को मिलेंगी विपक्षी सीटें

संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने रविवार को कहा कि शिवसेना के एकमात्र केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है और पार्टी महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस तथा राकांपा के साथ गठबंधन कर रही है। लिहाजा शिवसेना सांसदों को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की तरफ सीटें आवंटित की जा रही हैं।

मालूम हो कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना के एकमात्र मंत्री अरविंद सावंत ने विगत सोमवार को इस्तीफा दे दिया था। पार्टी ने शनिवार को ही एलान कर दिया था कि वह शीत सत्र से पहले बुलाई गई राजग की बैठक में भाग नहीं लेगी।

सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में जोशी ने कहा- 'शिवसेना के मंत्री ने राजग सरकार से इस्तीफा दे दिया है... वे (शिवसेना सांसद) आज राजग की बैठक में भाग नहीं ले रहे हैं और कांग्रेस तथा राकांपा के साथ गठबंधन करने जा रहे हैं। इसलिए, स्वाभाविक है कि उन्हें दोनों सदनों में विपक्ष में सीटें आवंटित की जाएंगी।'

सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा में शिवसेना के तीनों सदस्यों को विपक्ष की तरफ सीटें आवंटित कर दी गई हैं, जबकिलोकसभा में अभी ऐसा किया जाना है।

मालूम हो कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर तकरार की वजह से भाजपा-शिवसेना के दशकों पुराने गठबंधन में खटास आ गई है और शिवसेना ने अपनी राह अलग कर ली है। शिवसेना अब राज्य में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस तथा राकांपा के साथ तालमेल बैठाने में लगी है।

Posted By: Arvind Dubey