नई दिल्‍ली। सोमवार से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र (Winter Session of the Parliament) से पहले बुलाई गई सर्व दलीय बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न दलों के नेता पहुंच चुके हैं। संसद की कार्यवाही सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से चलाने के लिए संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने इस बैठक को बुलाया था। बैठक में पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत, अर्जुन राम मेघवाल सहित कई दलों के नेता पहुंचे हैं।

संसद के शीतकालीन सत्र में राजनीतिक गर्मी देखने को मिलेगी। दरअसल, महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर जिस तरह से भाजपा और शिवसेना के रास्ते अलग हुए हैं, उसका असर दिल्ली की राजनीति पर भी देखने वाला है।शिवसेना अब एनडीए की बजाय विपक्षी खेमे में नजर आएगी। राज्यसभा में उसके सांसदों के बैठने की जगह बदल दी गई है।

हालांकि, लोकसभा में शिवसेना के 18 सांसदों के बैठने की जगह के बारे में अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। उधर, शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी नेताओं ने कहा था कि 17वीं लोकसभा का पहला सत्र सरकार के विधायी एजेंडे के नाम रहा था। लिहाजा, दूसरे सत्र में जनता से जुड़े अहम सवालों को उठाने के लिए अधिक समय दिया जाना चाहिए।

यानी इशारा साफ है कि इस बार जनता से जुड़े सवालों को उठाने में विपक्षी दल कमर कसकर तैयार हैं। साथ ही विपक्ष ने लोकसभा अध्‍यक्ष से कहा कि बिल पेश करने से कम से कम दो-तीन दिन पहले सरकार जानकारी दे, ताकि उन्‍हें भी चर्चा के लिए तैयारी करने का मौका मि‍ले। इस बार अध्ययन का मौका दिए बिना अचानक सदन में बिल लाकर उसे पारित कराने का रवैया विपक्ष स्वीकार नहीं करेगा।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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