जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल माध्यम से दो सत्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने क्लाइमेट चेंज और ओपन सोसाइटीज़ (जलवायु परिवर्तन और खुला समाज) पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र, वैचारिक स्वतंत्रता और आजादी के लिए भारत की सभ्यतागत प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (आर्थिक संबंध) पी हरीश ने इस बारे में विस्‍तार से जानकारी देते हुए बताया कि पीएम मोदी ने खुले और लोकतांत्रिक समाजों को एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने लोकतांत्रिक समाजों को अपने मूल्य की रक्षा करने और बढ़ती चुनौतियों का जवाब देने के लिए एक-दूसरे के हाथों को मजबूत करने की बात कही। विदेश मंत्रालय ने बताया कि G-7 सम्‍मेलन में पीएम मोदी का जोर स्वास्थ्य, कोविड-19 वैक्‍सीन पर भी रहा।

विदेश मंत्रालय के बताया कि पीएम मोदी ने कोविड संक्रमितों के इलाज से संबंधित टेक्नोलॉजी के लिए डब्ल्यूटीओ में ट्रिप्स छूट (TRIPS Waiver) के लिए व्‍यापक समर्थन की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेरिस एग्रीमेंट के लक्ष्‍य को हासिल करने की राह पर भारत एकलौता G-20 देश है। यही नहीं पीएम मोदी ने विश्‍व व्‍यापार संगठन में TRIPS छूट के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव के लिए जी-7 देशों का मजबूत समर्थन मांगा। पीएम मोदी की बात का राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने जोरदार समर्थन किया।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत अधिनायकवाद, आतंकवाद और हिंसक अतिवाद से उत्पन्न खतरों से साझा मूल्यों की रक्षा के लिए जी-7 का स्वाभाविक सहयोगी है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सभी नेताओं ने मुक्त, खुले और नियम आधारित हिंद-प्रशांत को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की और क्षेत्र में भागीदारों के साथ सहयोग करने का संकल्प लिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारी भागीदारी जी-7 के भीतर समझ को दर्शाती है कि भारत की भूमिका के बिना सबसे बड़े वैश्विक संकट का समाधान संभव नहीं है।

विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया कि कोविड टीकों पर पेटेंट छूट के लिए भारत, दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव पर समझौते के लिए जी-7 शिखर सम्मेलन के विचार-विमर्श में व्यापक समर्थन मिला है। पीएम मोदी ने शनिवार को भी जी-7 देशों के इस शिखर सम्मेलन को संबोधित किया था. पीएम ने कल के संबोधन में जी-7 देशों को 'वन अर्थ वन हेल्थ' का मंत्र दिया। उनके इस संदेश का जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने खुलकर समर्थन किया और मोदी की तारीफ की।

Posted By: Shailendra Kumar

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