Rahul Gandhi on Veer Savarkar: राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के वीर सावरकर (Veer Savarkar) पर दिए बयान पर बवाल जारी है। अब इस मुद्दे पर शिवसेना (Shiv Sena) भी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी मुखपत्र 'सामना' में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा गया है कि वीर सावरकर (Veer Savarkar) का सम्मान होना ही चाहिए। उन्होंने भी देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई है। कांग्रेस से पूछा गया है कि हम गांधी, नेहरू का सम्मान करते हैं तो आप सावरकर का अपमान क्यों करते हों? देश के हर महान नेता का सम्मान होना चाहिए। इस बीच, बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कांग्रे को आड़े हाथ लिया है। वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कहा है कि वे राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस करेंगे।

मायावती ने रविवार सुबह एक के बाद एक तीन ट्वीट किए। उन्होंने लिखा - शिवसेना अपने मूल एजेंडे पर अभी भी कायम है, इसलिए इन्होंने नागरिकता संशोधन बिल पर केन्द्र सरकार का साथ दिया और अब सावरकर को भी लेकर इनको कांग्रेस का रवैया बर्दाश्त नहीं है। किन्तु फिर भी कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के साथ अभी भी बनी हुई है तो यह सब कांग्रेस का दोहरा चरित्र नहीं है तो और क्या है? अतः इनको, इस मामले में अपनी स्थिति जरूर स्पष्ट करनी चाहिए। वरना यह सब इनकी अपनी पार्टी की कमजोरियों पर से जनता का ध्यान बांटने के लिए केवल कोरी नाटकबाजी ही मानी जाएगी।

इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने भी ट्वीट किया कि राहुल गांधी को वीर सावरकर के बारे में बताया जाना चाहिए। सावरकर माने तेज, सावरकर माने त्याग, सावरकर माने तप, सावरकर माने तत्व ...अटल बिहारी वाजपेयी।

इस बीच, वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने भी कांग्रेस नेता पर सार्वजनिक रूप से अपने दादा का अनादर करने का आरोप लगाते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। रंजीत का कहना है कि यह अच्छा है कि राहुल गांधी राहुल सावरकर नहीं हैं। नहीं तो हम सबको अपना मुंह छिपाना पड़ता। अब हम उम्मीद करते हैं कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपना वादा निभाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि उद्धव कई बार कह चुके हैं कि यदि किसी ने सावरकर का अपमान किया, तो वे उनको सार्वजनिक रूप से पीटेंगे।

रंजीत ने यह भी कहा कि राहुल को अपनी दादी इंदिरा गांधी का आभारी होना चाहिए, जिन्होंने अपना सरनेम (नेहरू) छोड़ दिया। नहीं तो लोग उन्हें ब्रिटिश नौकर समझते। जवाहरलाल नेहरू ब्रिटेन के प्रति वफादार थे, क्योंकि उन्होंने 1946 में मंत्री के तौर पर वाइसराय काउंसिल में काम करना मंजूर किया था।

फडणवीस ने शिवसेना पर साधा निशाना

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले में राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि कोई गांधी सरनेम लगा लेने से गांधी नहीं हो जाता है। फडणवीस ने शिवसेना से भी कहा कि उसने सत्ता हासिल करने के लिए किस दल के साथ हाथ मिला लिया है।

संजय राउत बोले- शिवसेना राहुल के साथ नहीं, लेकिन सरकार 5 साल चलेगी

राहुल गांधी के बयान के बाद शिवसेना नेता संंजय राउत ने कहा था कि वीर सावरकर महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के नेता है। इसके बाद अटकलें लगाई जा रही थी कि विभिन्न मुद्दों पर शिवसेना और कांग्रेस की अलग-अलग राय देखते हुए क्या महाराष्ट्र में सरकार पांच साल चल पाएगी? इस पर संजय राउत ने रविवार को कहा कि सरकार पूरे पांच साल चलेगी, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।

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